पहले ही दिन तीन मरीज भर्ती, उपचार के साथ काउंसलिंग और पुनर्वास पर रहेगा जोर

रायगढ़। नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में रायगढ़ जिले में महत्वपूर्ण पहल की गई है। रायगढ़ शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित लोइंग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में 10 बिस्तरों की क्षमता वाले सरकारी नशामुक्ति केंद्र की शुरुआत की गई है। केंद्र के शुरू होते ही पहले दिन तीन मरीजों को उपचार के लिए भर्ती भी किया गया।
बताया जा रहा है कि प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के अंतर्गत इस तरह की सुविधा की शुरुआत के रूप में लोइंग में खोले गए केंद्र को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को सरकारी स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक नया विकल्प मिला है।
10 मरीजों के उपचार की क्षमता
लोइंग CHC में शुरू किए गए नशामुक्ति केंद्र में एक समय में 10 मरीजों को भर्ती कर उपचार देने की व्यवस्था की गई है। शुरुआत के दिन ही तीन मरीजों का भर्ती होना इस सुविधा की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।
नशे की लत से जूझने वाले व्यक्ति को केवल शारीरिक उपचार की ही जरूरत नहीं होती, बल्कि उसकी मानसिक स्थिति, पारिवारिक परिस्थितियों और सामाजिक जीवन को ध्यान में रखते हुए भी सहायता की आवश्यकता होती है। ऐसे में केंद्र में उपचार के साथ आवश्यक काउंसलिंग और मरीजों को सामान्य जीवन की ओर लौटाने पर भी ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत
नशामुक्ति का उपचार कई बार निजी संस्थानों में महंगा होने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए कठिन हो जाता है। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में यह सुविधा उपलब्ध होने से ऐसे परिवारों को राहत मिल सकती है, जो अपने परिजनों का उपचार निजी नशामुक्ति केंद्रों में कराने में सक्षम नहीं हैं।
उपचार के बाद भी निरंतर सहयोग जरूरी

नशे की आदत से छुटकारा पाने की प्रक्रिया कई मामलों में लंबी होती है। मरीज को प्रारंभिक उपचार के साथ नियमित काउंसलिंग, परिवार का सहयोग और उपचार के बाद भी निगरानी एवं मार्गदर्शन की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में केंद्र की सफलता केवल मरीजों की भर्ती और उपचार तक सीमित नहीं होगी, बल्कि उन्हें नशे से दूर रखते हुए दोबारा सामान्य सामाजिक जीवन में स्थापित करने की क्षमता से भी तय होगी।
लोइंग में शुरू हुआ यह केंद्र फिलहाल 10 बिस्तरों की क्षमता के साथ संचालित किया जा रहा है। पहले ही दिन तीन मरीजों का भर्ती होना बताता है कि नशे से संबंधित उपचार की मांग मौजूद है। आने वाले समय में केंद्र की क्षमता, उपचार की गुणवत्ता और पुनर्वास व्यवस्था को किस तरह मजबूत किया जाता है, यह इसकी प्रभावशीलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
