
सुरगुजा सर्व ब्राह्मण समाज की बैठक में संगठन को मजबूत करने पर चर्चा, ‘संस्कार से सफलता तक’ कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव मंजूर
अंबिकापुर, 20 सितंबर। सुरगुजा सर्व ब्राह्मण समाज की बैठक में सामाजिक संगठन को मजबूत करने और नई पीढ़ी की भागीदारी बढ़ाने को लेकर कई विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में युवाओं को समाज की गतिविधियों से जोड़ने, उनकी प्रतिभा को सकारात्मक दिशा देने और शिक्षा, रोजगार एवं करियर के क्षेत्र में मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
राहुल पांडेय को मिली युवा संयोजक की जिम्मेदारी

बैठक में राहुल पांडेय को सुरगुजा सर्व ब्राह्मण समाज का युवा संयोजक बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे उपस्थित वरिष्ठजनों एवं पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया। नई जिम्मेदारी मिलने पर राहुल पांडेय ने समाज के संरक्षकों, अध्यक्ष, सचिव एवं वरिष्ठजनों के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देना समय की जरूरत है। युवाओं को सामाजिक गतिविधियों के साथ शिक्षा, रोजगार, खेल, कला-संस्कृति, व्यवसाय, तकनीक और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर मिलना चाहिए।
‘संस्कार से सफलता तक’ पहल को मंजूरी
बैठक में राहुल पांडेय ने युवाओं के लिए ‘संस्कार से सफलता तक’ नाम से विशेष कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य युवाओं को संस्कार, व्यक्तित्व विकास, शिक्षा, करियर मार्गदर्शन और रोजगार से जुड़े अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराना है। बैठक में मौजूद वरिष्ठ सदस्यों ने प्रस्ताव का समर्थन किया और इसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया।
समाज की ओर से आगामी दिनों में इस कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में अनुभव रखने वाले लोगों को युवाओं से जोड़कर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की योजना है।
प्रतिभा को अवसर देने की पहल
युवा संयोजक राहुल पांडेय ने कहा कि समाज के युवाओं को केवल सामाजिक आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय उनकी क्षमता और रुचि के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि संस्कार, शिक्षा और मार्गदर्शन के साथ युवा अपने लक्ष्य की दिशा में बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ‘संस्कार से सफलता तक’ को एक निरंतर पहल के रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास रहेगा, जिसमें वरिष्ठजनों का अनुभव और युवाओं की सक्रिय भागीदारी दोनों महत्वपूर्ण होंगे।
बैठक के समापन पर समाज की एकजुटता बनाए रखने, सामाजिक गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और नई पीढ़ी को संगठन से जोड़ने के साथ आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया।

