तीन साल तक बालिका गृह में रही प्रियांशी ने संदीप के साथ शुरू किया नया जीवन, नन्हीं बेटी की विदाई ने शक्ति सदन में सभी को किया भावुक
अम्बिकापुर, 19 अक्टूबर। मानव सेवा और महिला कल्याण की मिसाल पेश करते हुए एमएसएसवीपी शक्ति सदन की संचालिका डॉ. मीरा शुक्ला ने अपना 33वां कन्यादान कर प्रियांशी राजवाड़े और संदीप चौधरी का घर बसाने में अहम भूमिका निभाई। 16 अक्टूबर को शक्ति सदन परिसर में हिंदू रीति-रिवाज से दोनों का विवाह संपन्न हुआ। इस भावुक अवसर पर सबसे मार्मिक दृश्य विदाई का रहा, जब प्रियांशी की नन्हीं बेटी के साथ रवाना होने पर उसे स्नेह से पालने वाली महिला कर्मचारियों की आंखें नम हो गईं।
प्रियांशी लंबे समय तक बालिका गृह में संरक्षण में रही थीं। संदीप के साथ उनके रिश्ते के दौरान एक बच्ची का जन्म हुआ था। नाबालिग से जुड़े मामले में संदीप के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई हुई और उन्हें कुछ महीने जेल में रहना पड़ा। बालिग होने के बाद प्रियांशी ने संदीप के साथ जीवन बिताने की इच्छा जताई। विवाह की प्रक्रिया पूरी करने के लिए दोनों शक्ति सदन पहुंचे, जहां डॉ. मीरा शुक्ला की पहल पर आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताओं में सहयोग किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह की रस्में संपन्न हुईं। समारोह में वर पक्ष के रिश्तेदार और अन्य अतिथि शामिल हुए। संस्था की ओर से बारातियों का स्वागत और भोजन की व्यवस्था भी की गई।
विदाई ने भावुक किया शक्ति सदन परिवार
विवाह के बाद जब प्रियांशी अपनी बेटी के साथ नए जीवन की शुरुआत करने रवाना हुईं, तो शक्ति सदन में भावुक माहौल बन गया। बच्ची ने लंबे समय तक संस्था की महिला कर्मचारियों के स्नेह और देखभाल के बीच समय बिताया था। डॉ. मीरा शुक्ला ने प्रियांशी को गले लगाकर विदाई दी। उन्होंने कहा कि बच्ची से बिछड़ने का दुख है, लेकिन इस बात की खुशी भी है कि अब उसे अपने माता-पिता के साथ परिवार का सहारा मिलेगा।
डॉ. मीरा शुक्ला इससे पहले 32 असहाय युवतियों के विवाह और पुनर्वास में सहयोग कर चुकी हैं। शक्ति सदन की यह पहल बताती है कि जरूरतमंद बेटियों को आश्रय देने के साथ उन्हें सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य की राह दिखाना भी संस्था के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
