पुलिस रिकॉर्ड और कार्रवाई के दावे में अंतर को लेकर चर्चा, 6 नामजद आरोपियों की तलाश जारी

बलरामपुर। रघुनाथनगर थाना क्षेत्र में कथित पशु तस्करी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 34 भैंस एवं भैंसों को जब्त किया है। जब्त पशुधन की अनुमानित कीमत करीब 6.80 लाख रुपये बताई गई है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि छह अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। कार्रवाई को लेकर पुलिस के रिकॉर्ड और सामने आए दावों में अंतर होने की बात भी सामने आई है, जिससे मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर 2026 की रात करीब 11:35 बजे रघुनाथनगर पुलिस की टीम देहात भ्रमण एवं गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम केसारी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भैंस एवं भैंसों को कथित रूप से पैदल जंगल के रास्ते उत्तर प्रदेश की ओर ले जाया जा रहा है।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ग्राम केसारी (बहेराखांड) के जंगल क्षेत्र में पहुंची। यहां से 34 नग पशु बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि पशुओं को ले जाने वाले लोगों के पास परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज अथवा लाइसेंस उपलब्ध नहीं थे।

कार्रवाई के दौरान दीपक सोनवानी को पुलिस ने हिरासत में लिया, जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर अन्य लोग मौके से भाग निकले।

FIR में रघुनाथनगर पुलिस टीम का उल्लेख

मामले की FIR के अनुसार कार्रवाई के दौरान सहायक उपनिरीक्षक फिलिरियुस टोप्पो के साथ प्रधान आरक्षक निर्मल तिर्की, नानसाय खलखो और आरक्षक राममूरत यादव पुलिस वाहन से गश्त पर थे। FIR में इन्हीं पुलिसकर्मियों द्वारा सूचना के आधार पर कार्रवाई किए जाने का उल्लेख है।

वहीं, दूसरी ओर सामने आए दावे के मुताबिक बलरामपुर एसपी वैभव वैंकर को क्षेत्र में कथित पशु तस्करी की सूचना मिलने के बाद बसंतपुर थाना प्रभारी और वाड्रफनगर चौकी प्रभारी की संयुक्त टीम को सादे कपड़ों में मौके पर भेजा गया था। इन दोनों विवरणों में अंतर को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, उपलब्ध विवरणों के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि वरिष्ठ अधिकारियों की टीम और FIR में दर्ज रघुनाथनगर पुलिस टीम के बीच कार्रवाई के दौरान क्या समन्वय था। इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।

थाना प्रभारी की भूमिका पर भी सवाल

स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने रघुनाथनगर थाना प्रभारी डाकेश्वर सिंह की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से पशु तस्करी की शिकायतें सामने आती रही हैं।

इसी बीच यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि यदि कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर किसी अन्य टीम द्वारा कराई गई थी, तो FIR में रघुनाथनगर थाना क्षेत्र की गश्ती टीम की भूमिका किस प्रकार रही।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। थाना प्रभारी या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस पूरे विवाद पर विस्तृत पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

34 पशु जब्त, ई-साक्ष्य के जरिए रिकॉर्डिंग

पुलिस के मुताबिक जब्त किए गए 34 पशुओं की अनुमानित कीमत ₹6.80 लाख है। पूरी जब्ती प्रक्रिया की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से किए जाने की जानकारी दी गई है। बरामद पशुओं का पशु चिकित्सकों से स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।

सात आरोपियों के खिलाफ मामला

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कथित मेमोरेंडम के आधार पर छह अन्य लोगों के नाम सामने आने की बात कही है। मामले में कुल सात आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी:

  • दीपक सोनवानी, निवासी केसारी

फरार बताए गए आरोपी:

  • संजय सोनवानी
  • मानिकचंद सोनवानी
  • अशोक सोनवानी
  • जितेन्द्र जायसवाल
  • गोरखनाथ जायसवाल
  • देव कुमार सोनवानी

सभी आरोपी ग्राम केसारी, थाना रघुनाथनगर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

इन धाराओं में FIR दर्ज

रघुनाथनगर थाने में अपराध क्रमांक 0110/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ:

  • भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(2)
  • छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10
  • पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(d)

के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार दीपक सोनवानी को 17 सितंबर 2026 की सुबह 7:05 बजे गिरफ्तार किया गया और न्यायिक रिमांड की कार्रवाई की गई। वहीं फरार छह आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है।

अब जांच के साथ इन सवालों के जवाब का इंतजार

मामले में मुख्य कार्रवाई तो सामने आ चुकी है, लेकिन रेड किस टीम के निर्देश पर और किस स्तर पर संचालित हुई, FIR में दर्ज पुलिस टीम की भूमिका क्या थी और वरिष्ठ अधिकारियों की कथित विशेष टीम की भूमिका क्या रही, इन बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। मामले की विवेचना के साथ इन सवालों के जवाब भी सामने आने की उम्मीद है।

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