
दो दिन पहले फोन पर पति पर पेट पर चढ़कर गला दबाने का लगाया था आरोप, 17 सितंबर को खाया था चूहामार जहर; इलाज के दौरान मौत
अंबिकापुर। शादी के महज चार महीने बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मैनपाट के लुरैना निवासी 20 वर्षीय वर्षा यादव ने 17 सितंबर को कथित तौर पर चूहामार दवा का सेवन कर लिया था। गंभीर हालत में उसे अंबिकापुर के मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 22 सितंबर की सुबह उसकी मौत हो गई।
मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता उमेश यादव के अनुसार, मौत से दो दिन पहले ही वर्षा ने फोन पर अपनी परेशानी बताते हुए कहा था कि ससुराल में उसके साथ ठीक व्यवहार नहीं हो रहा है और पति ने कथित तौर पर उसके पेट पर चढ़कर गला दबाने की कोशिश की थी। इसके बाद 17 सितंबर को उसने पिता के मोबाइल पर एक मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था- “पापा, मैं नहीं जी सकती, सुकून से मरने दीजिए।”
मैसेज के कुछ ही देर बाद दामाद का फोन आया और उसने वर्षा की तबीयत खराब होने की जानकारी देते हुए अस्पताल ले जाने की बात कही। बाद में उसने बताया कि वर्षा ने चूहामार दवा खा ली है।
मई में हुई थी शादी, आगे पढ़ाई करना चाहती थी वर्षा
सूरजपुर के वार्ड क्रमांक 13 प्रगतिनगर निवासी वर्षा यादव की शादी मई 2026 में सामाजिक रीति-रिवाज से मैनपाट के लुरैना निवासी अजय यादव के साथ हुई थी। परिजनों के मुताबिक वर्षा आगे पढ़ाई करना चाहती थी और उसका दाखिला बिश्रामपुर के कॉलेज में कराया जा रहा था।
पिता उमेश यादव के अनुसार, 12 अगस्त को उसका दामाद वर्षा को अपने साथ मैनपाट ले गया था। इसके बाद 15 सितंबर को वर्षा ने फोन कर अपने ससुराल की परिस्थितियों को लेकर चिंता जताई।
“पति गला दबा रहे थे”, पिता ने समझाकर शांत कराया था
पिता का कहना है कि फोन पर वर्षा ने पति द्वारा मारपीट करने और पेट पर चढ़कर गला दबाने की बात बताई थी। बेटी की बात सुनकर उन्होंने उसे समझाते हुए कहा था कि पति-पत्नी के बीच छोटे-मोटे विवाद हो जाते हैं और वह दोनों से मिलकर बातचीत करेंगे।
लेकिन इसके दो दिन बाद ही वर्षा का वह संदेश आया, जिसने परिवार की चिंता बढ़ा दी। 17 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे भेजे गए कथित व्हाट्सएप संदेश में उसने पिता से कहा कि वह जीना नहीं चाहती और उसे सुकून से मरने दिया जाए।
मैसेज के बाद आया दामाद का फोन
परिजनों के अनुसार, वर्षा के मैसेज के कुछ समय बाद ही अजय यादव ने उमेश यादव को फोन किया। उसने बताया कि वर्षा की तबीयत बिगड़ गई है और उसे मिशन अस्पताल अंबिकापुर ले जाया जा रहा है। बाद में उसने वर्षा द्वारा चूहामार दवा खाने की जानकारी दी।
सूचना मिलने पर पिता और अन्य परिजन अस्पताल पहुंचे। वर्षा को आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। इलाज के दौरान उसकी हालत में कुछ सुधार भी हुआ। परिजनों के अनुसार, इस दौरान वर्षा ने ससुराल वालों के व्यवहार को लेकर फिर चिंता जताई।
परिजनों ने फोटो और रिकॉर्डिंग का भी किया जिक्र
मृतका के पिता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि वर्षा ने उसके साथ मारपीट की जानकारी परिवार के लोगों को दी थी। उन्होंने यह भी बताया कि वर्षा ने अपनी चाची को कथित मारपीट से संबंधित फोटो और रिकॉर्डिंग दिखाई/सुनाई थी।
पिता के अनुसार, 18 सितंबर को दामाद द्वारा पैसों को लेकर दबाव बनाने की बात भी सामने आई थी। हालांकि इन आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पति का पक्ष- पढ़ाई के लिए किराए के मकान में रहना चाहती थी
दूसरी ओर, वर्षा के पति अजय यादव ने आरोपों से अलग अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वर्षा बिश्रामपुर में किराए का मकान लेकर पढ़ाई करना चाहती थी। 17 सितंबर को उसने अचानक चूहामार दवा का सेवन कर लिया, जिसके बाद परिवार के लोग उसे उपचार के लिए मिशन अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
वर्षा की मौत के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए हैं और मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
नवविवाहिता की मौत के मामले में मारपीट, कथित प्रताड़ना, पति-पत्नी के विवाद और जहर सेवन से जुड़ी परिस्थितियों की जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल परिजनों के आरोप और पति के बयान दोनों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
