बिलासपुर। राष्ट्रीय पार्टी में बड़ा पद दिलाने और पार्टी फंड व कागजी प्रक्रिया के नाम पर 82 लाख 63 हजार 194 रुपए की कथित ठगी के मामले में सरकंडा पुलिस ने एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने राजनीतिक दल के बड़े नेताओं से करीबी संपर्क होने का दावा करते हुए एक निजी सलाहकार को पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिलाने का झांसा दिया था। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक श्री विहार, सरकंडा निवासी चेतन आनंद दुबे की वर्ष 2025 में फेसबुक के माध्यम से निखत परवीन शाबरी उर्फ निकहत शाबरी उर्फ निक्की से पहचान हुई थी। आरोपी महिला ने खुद को राष्ट्रीय पार्टी का कार्यकर्ता बताते हुए केंद्र और राज्य स्तर के बड़े नेताओं से संपर्क होने का दावा किया। जमीन विवाद से जुड़ी समस्या सुलझाने में मदद कर उसने कथित तौर पर प्रार्थी का विश्वास हासिल किया।
इसके बाद आरोपी ने प्रार्थी की राजनीति में रुचि का फायदा उठाते हुए पार्टी में बड़ा पद दिलाने का भरोसा दिया। पुलिस के अनुसार पार्टी फंड और दस्तावेजी प्रक्रिया के नाम पर प्रार्थी तथा उसके परिचितों सतीश अग्रहरी, अंकित पाण्डेय और डॉ. गायत्री गुप्ता के खातों के माध्यम से एवं नगद कुल 82,63,194 रुपए लिए गए।
रकम वापस मांगने पर धमकी का आरोप
शिकायत के अनुसार जब प्रार्थी ने रकम वापस करने और पार्टी में पद दिलाने के संबंध में जानकारी मांगी तो आरोपी ने कथित तौर पर धमकी दी। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने रकम वापस नहीं करने तथा दोबारा संपर्क करने पर महिला संबंधी झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी।
मामले की शिकायत पर सरकंडा थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 1376/2026 के तहत धारा 318(4) BNS में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर आरोपी की तलाश में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के झगराखांड और खोंगापानी क्षेत्र भेजी गई।
पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस और गवाहों की मदद से आरोपी निखत परवीन शाबरी को उसके निवास से हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन, आधार कार्ड और प्रार्थी से संबंधित दस्तावेज एवं बायोडाटा जब्त करने की जानकारी दी है।
जांच में सामने आया पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया। उसके खिलाफ झगराखांड थाने में मारपीट, वसूली/ब्लैकमेलिंग और जुआ अधिनियम से संबंधित मामले दर्ज बताए गए हैं। इसके अलावा रायपुर के सिविल लाइन थाने में भी धारा 384 भादवि के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी की आपराधिक गतिविधियों से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद प्रकरण में धारा 119(1) BNS भी जोड़ी गई। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी राजनीतिक पद, नौकरी, प्रभावशाली लोगों से संपर्क या अन्य लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वाले लोगों के झांसे में न आएं और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
