
रघुनाथनगर पुलिस की कार्रवाई, स्थानीय सप्लायर पर पहले से दर्ज हैं पशु तस्करी के तीन मामले
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अवैध पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत रघुनाथनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कथित संगठित पशु तस्करी गिरोह के मुख्य सरगना और स्थानीय सप्लायर जितेन्द्र जायसवाल (34 वर्ष), निवासी ग्राम केसारी, को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से ही मवेशी तस्करी और पशु क्रूरता से जुड़े तीन मामले दर्ज हैं।
यह मामला उस समय सामने आया, जब पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग मवेशियों को अवैध रूप से पैदल उत्तर प्रदेश ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम केसारी में घेराबंदी कर कार्रवाई की। इस दौरान दीपक सोनवानी (24 वर्ष) को मौके से पकड़ा गया और उसके कब्जे से 34 भैंस एवं भैंसे जब्त किए गए। हालांकि, कार्रवाई के दौरान गिरोह का कथित मुख्य सूत्रधार अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था।
जंगलों में मवेशी इकट्ठा कर दूसरे राज्यों में भेजने का आरोप
पुलिस की जांच के अनुसार, फरार आरोपी जितेन्द्र जायसवाल स्थानीय स्तर पर मवेशियों की खरीद और सप्लाई का काम करता था। आरोप है कि वह किसानों एवं ग्रामीणों से कम कीमत पर मवेशी खरीदकर उन्हें जंगलों में इकट्ठा करता था। इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों के माध्यम से मवेशियों को दूसरे राज्यों में भेजने की व्यवस्था की जाती थी।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान आरोपी की भूमिका और गिरोह से उसके कथित संबंधों की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के खिलाफ पहले से तीन मामले दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जितेन्द्र जायसवाल के खिलाफ रघुनाथनगर थाने में पशु तस्करी और पशु क्रूरता से संबंधित तीन पूर्व मामले दर्ज हैं। वर्तमान प्रकरण में पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111(2), छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
पशु तस्करी के खिलाफ अभियान जारी
रघुनाथनगर पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध पशु तस्करी पर अंकुश लगाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस मामले में आरोपियों की भूमिका और कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि अवैध पशु तस्करी के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। मामले में जब्त मवेशियों और आरोपियों से संबंधित कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार की जा रही है।
