बलरामपुर। बलरामपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में तीन वर्षीय बच्चे की मौत के बाद एक कथित झोलाछाप डॉक्टर की भूमिका को लेकर सवाल उठे हैं। मृतक के पिता ने आरोप लगाया है कि बुखार से पीड़ित बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाने के बाद उसे इंजेक्शन लगाया गया और इसके महज कुछ मिनट बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई। घर पहुंचने से पहले ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। मामले की शिकायत पुलिस से की गई है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम जमुआटांड़ निवासी रमेश चेरवा का तीन वर्षीय बेटा अभीस चेरवा बुधवार शाम बुखार से पीड़ित था। बच्चे की तबीयत खराब होने पर पिता उसे ग्राम सरनाडीह निवासी भुलेश्वर सिंह के घर लेकर पहुंचे। परिजन के मुताबिक, भुलेश्वर सिंह वहीं पर लोगों का इलाज करता है। बच्चे को देखने के बाद उसे कथित तौर पर इंजेक्शन लगाया गया।

पिता का आरोप है कि इंजेक्शन लगने के बाद वे बच्चे को लेकर घर के लिए रवाना हुए। करीब पांच से दस मिनट के भीतर बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर घर पहुंच पाते, इससे पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने दर्ज की शिकायत, जांच जारी

बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने मामले की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी और कथित डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गुरुवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

कोतवाली पुलिस के अनुसार शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बिना पंजीकृत चिकित्सक के बच्चे को इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बच्चे की मौत वास्तव में इंजेक्शन के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय कारण था, यह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

झोलाछाप डॉक्टरों पर फिर उठे सवाल

घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिना उचित चिकित्सकीय योग्यता के इलाज करने वाले लोगों की मौजूदगी पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं और जागरूकता की कमी के कारण कई लोग मामूली बीमारी में भी ऐसे कथित डॉक्टरों के पास उपचार कराने पहुंच जाते हैं।

स्थानीय स्तर पर ऐसे मामलों में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, इस मामले में बच्चे की मौत के वास्तविक कारण और कथित डॉक्टर की जिम्मेदारी का निर्धारण पुलिस जांच तथा चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगा।

परिजनों ने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।

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