बम्हनी नाले ने 500 से अधिक ग्रामीणों की जिंदगी पर लगाया ‘ब्रेक’, 25 साल पुरानी मांग पर कलेक्टर ने कहा- स्वीकृत हो चुका है सड़क-पुलिया का काम

बलरामपुर। जिले के सरगवां क्षेत्र से सामने आई दो तस्वीरें ग्रामीणों की जमीनी समस्याओं को बयां कर रही हैं। एक तस्वीर में बीमार पहाड़ी कोरवा महिला को बांस की झेलेगी में परिजन करीब तीन किलोमीटर तक कंधे पर उठाकर ले जाते नजर आए, वहीं दूसरी तस्वीर में ग्रामीण हाथों में थाली लेकर बम्हनी नाले के किनारे सड़क और पुलिया निर्माण की मांग करते दिखाई दिए। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले करीब 25 वर्षों से पुलिया निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

हालांकि, मामले में बलरामपुर कलेक्टर ने बताया कि पीएम जनमन योजना के तहत सड़क और पुलिया निर्माण का कार्य स्वीकृत हो चुका है। बारिश के कारण फिलहाल निर्माण शुरू नहीं हो सका है और बरसात खत्म होते ही काम शुरू कराया जाएगा।

एंबुलेंस नहीं पहुंची तो मरीज को कंधे पर ढोया

ग्रामीणों के मुताबिक हाल ही में एक पहाड़ी कोरवा महिला की तबीयत खराब हो गई। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की जरूरत थी। परिजनों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन बम्हनी नाले पर पुलिया नहीं होने और खराब रास्ते के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी।

इसके बाद परिजनों ने महिला को बांस की झेलेगी में लिटाया और कंधे पर उठाकर करीब तीन किलोमीटर तक पैदल मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां से मरीज को आगे अस्पताल ले जाया गया। इस घटना ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन आवागमन की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बारिश में बढ़ जाती है ग्रामीणों की परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य दिनों में किसी तरह बम्हनी नाला पार कर लिया जाता है, लेकिन बारिश के दौरान पानी का बहाव बढ़ने से आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। पुलिया के अभाव में गांव का संपर्क प्रभावित होता है।

इसका असर बच्चों की पढ़ाई, राशन और जरूरी सामान की आवाजाही के साथ-साथ मरीजों और बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचाने पर भी पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार इस क्षेत्र में 500 से अधिक लोग इस समस्या से प्रभावित हैं।

हाथ में थाली लेकर किया अनोखा विरोध

लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर ग्रामीणों ने बम्हनी नाले के किनारे हाथों में थाली लेकर विरोध जताया। दो दर्जन से अधिक ग्रामीण इस प्रदर्शन में शामिल हुए।

ग्रामीणों ने कहा कि वे वर्षों से सड़क और पुलिया की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार मांग और आवेदन के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, जिसके चलते उन्हें इस तरह विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

जनदर्शन और जनप्रतिनिधियों से भी लगा चुके हैं गुहार

ग्रामीणों के मुताबिक बम्हनी नाले पर पुलिया निर्माण की मांग को लेकर वे कई बार अधिकारियों को आवेदन दे चुके हैं। जनदर्शन में भी समस्या उठाई गई और जनप्रतिनिधियों के सामने भी सड़क-पुलिया निर्माण की मांग रखी गई।

ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान भी यह मुद्दा उठता रहा, लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें अब तक राहत नहीं मिली।

कलेक्टर बोले- पीएम जनमन के तहत स्वीकृत है काम

मामले में बलरामपुर कलेक्टर ने बताया कि पीएम जनमन योजना के तहत सड़क और पुलिया निर्माण का कार्य स्वीकृत हो चुका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बारिश के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। बरसात समाप्त होते ही सड़क और पुलिया का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।

प्रशासन के इस आश्वासन के बाद अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का जल्द समाधान होगा और भविष्य में किसी मरीज को उपचार के लिए इस तरह कंधे पर लेकर मुख्य सड़क तक पहुंचाने की मजबूरी नहीं रहेगी।

सवाल सिर्फ पुलिया का नहीं, बुनियादी सुविधाओं का

सरगवां क्षेत्र की ये दोनों तस्वीरें एक बड़ा सवाल खड़ा करती हैं। एक ओर बीमार महिला को झेलेगी में रखकर कंधे पर ले जाने की मजबूरी है, तो दूसरी ओर ग्रामीण हाथ में थाली लेकर सड़क और पुलिया की मांग कर रहे हैं।

अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि पीएम जनमन के तहत स्वीकृत सड़क और पुलिया का निर्माण कब शुरू होता है और कब तक पूरा होता है। निर्माण पूरा होने के बाद ही 25 साल पुरानी इस समस्या से प्रभावित सैकड़ों ग्रामीणों को वास्तविक राहत मिल सकेगी।

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