सिम, एटीएम और चेकबुक भी अपने पास रखे; जानकारी मिलने पर सुपरवाइजर ने कोतवाली में दर्ज कराई शिकायत, दीप सिन्हा गिरफ्तार

अंबिकापुर। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी से जुड़े मामले में अंबिकापुर की कोतवाली पुलिस ने आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा (32) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने अपने यहां काम करने वाले एक सुपरवाइजर के नाम पर बैंक खाते और सिम कार्ड खुलवाकर उनका इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी और कथित अवैध रकम के लेनदेन में किया। मामले की जानकारी मिलने के बाद सुपरवाइजर ने पुलिस से शिकायत की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।

काम के बहाने बैंक ले गया, खाते की जानकारी छिपाने का आरोप

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के डीपाडीहकला निवासी ज्ञानेन्द्र पांडेय वर्तमान में अंबिकापुर के नमनाकला में रहकर काम करता था। वह सतीपारा निवासी दीप सिन्हा के गांधीनगर स्थित निर्माणाधीन मकान में सुपरवाइजर के तौर पर काम कर रहा था।

शिकायत में बताया गया है कि दीप सिन्हा कथित तौर पर जरूरी काम का हवाला देकर ज्ञानेन्द्र को बैंक ऑफ महाराष्ट्र और केनरा बैंक ले गया। वहां उसके नाम से बैंक खाते खुलवाने के साथ नया सिम कार्ड भी जारी कराया गया।

पासबुक से लेकर एटीएम तक अपने पास रखने का आरोप

शिकायतकर्ता के मुताबिक, खाते खुलने के बाद संबंधित सिम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड दीप सिन्हा ने अपने पास रख लिए। जब ज्ञानेन्द्र ने इन्हें वापस मांगा तो कथित तौर पर अलग-अलग बहाने बनाकर उसे टाल दिया गया।

बाद में ज्ञानेन्द्र को कथित तौर पर पता चला कि उसके नाम से खोले गए बैंक खाते का इस्तेमाल संदिग्ध और अवैध वित्तीय लेनदेन के लिए किया जा रहा है। इसके बाद उसने कोतवाली थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच के बाद सतीपारा नेहरू वार्ड, शिव मंदिर के पास रहने वाले आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा, पिता स्वर्गीय त्रिभुवन सिन्हा को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी से जुड़े मामलों में पूर्व में भी कार्रवाई हो चुकी है।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

म्यूल अकाउंट मामले में भी कार्रवाई

कोतवाली पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ म्यूल अकाउंट के जरिए धोखाधड़ी और वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामले में भी कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आरोपी के कुछ अन्य साथियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।

पुलिस के मुताबिक, सूरज यादव, मुकेश त्रिपाठी और अमित मिश्रा उर्फ पहलू को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोप है कि गिरोह द्वारा आम लोगों को निजी काम का झांसा देकर उनके बैंक खाते, एटीएम, चेकबुक और सिम कार्ड हासिल किए जाते थे और बाद में इनका इस्तेमाल ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी तथा वित्तीय लेनदेन में किया जाता था।

जांच के बाद सामने आएगी लेनदेन की पूरी तस्वीर

पुलिस अब संबंधित बैंक खातों और सिम कार्ड के इस्तेमाल से हुए लेनदेन की जांच कर रही है। खातों में कितनी रकम का लेनदेन हुआ और उसका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद सामने आने की बात कही जा रही है।

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