रसूलपुर हत्याकांड का चौथा आरोपी भी झारखंड से गिरफ्तार, पिस्टल, 6 जिंदा कारतूस और चाकू बरामद; दामाद समेत चारों आरोपी जेल भेजे गए

अंबिकापुर। शहर के रसूलपुर में एलआईसी एजेंट बशीरूद्दीन सिद्दीकी (70) की दिनदहाड़े हुई हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक की बेटी और दामाद के बीच चल रहे तलाक के विवाद को लेकर हत्या की साजिश रची गई थी। आरोप है कि दामाद मो. नाजिम शबा ने अपने ससुर की हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी देकर झारखंड से शूटर बुलाए थे।

मामले में पुलिस पहले ही मृतक के दामाद सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। वारदात के बाद फरार चल रहे चौथे आरोपी को भी पुलिस ने झारखंड के पलामू जिले से गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल देशी पिस्टल, एक चाकू और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

किराए के मकान की बात करने के बहाने घर में घुसे थे हमलावर

पुलिस के अनुसार, घटना 16 सितंबर की सुबह करीब 10.15 बजे रसूलपुर स्थित बशीरूद्दीन सिद्दीकी के घर हुई थी। तीन लोग कथित तौर पर किराए के मकान के संबंध में बातचीत करने के बहाने उनके घर पहुंचे थे।

बातचीत के दौरान ही हमलावरों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। पेट में चाकू के कई वार किए जाने से बशीरूद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।

गंभीर हालत में उन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोपहर में उनकी मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई थी।

बेटी ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट, तलाक के विवाद से जुड़ा सुराग

मामले की शिकायत मृतक की बेटी शादिया शारीन ने पुलिस से की थी। शिकायत के अनुसार, उसका पति मो. नाजिम शबा के साथ तलाक का मामला न्यायालय में चल रहा था।

शिकायत में यह भी बताया गया था कि तलाक का मामला वापस लेने को लेकर पूर्व में पति की ओर से उसे और उसके मायके वालों को कथित रूप से धमकियां दी गई थीं। पुलिस ने इस एंगल को जांच में शामिल किया और पूछताछ के दौरान मामले की दिशा हत्या की कथित साजिश तक पहुंची।

पुलिस के मुताबिक दामाद तक पहुंची जांच

कोतवाली पुलिस ने मामले में प्रारंभिक जांच के बाद नाजिम शबा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने अपने ससुर की हत्या के लिए सुपारी देने की बात स्वीकार की।

पुलिस के अनुसार, इसके बाद झारखंड के चैनपुर निवासी कंचन कुमार और अंबिकापुर के तकिया निवासी नेजारूउद्दीन उर्फ गुड्डू को भी गिरफ्तार किया गया। तीनों को गुरुवार को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सामने आया कि हत्या के लिए 5 लाख रुपये में सुपारी तय की गई थी और वारदात को अंजाम देने के लिए झारखंड से शूटर बुलाए गए थे।

फरार चौथा आरोपी झारखंड से गिरफ्तार

वारदात के बाद एक आरोपी फरार था। पुलिस टीम ने उसकी तलाश में झारखंड में दबिश दी। जांच के दौरान पुलिस ने अवकाश साव उर्फ आकाश गुप्ता (25), पिता भरदुल साव, को पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम खुटार से हिरासत में लिया।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में अवकाश ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल देशी पिस्टल, एक नया चाकू और छह जिंदा कारतूस बरामद किए।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने यह भी बताया कि वारदात के समय पहने गए कपड़े उसने बाद में फेंक दिए थे। पुलिस अब बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

तलाक के विवाद से हत्या की साजिश तक पहुंचा मामला

पुलिस की अब तक की जांच के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत पारिवारिक विवाद से हुई। मृतक की बेटी और उसके पति के बीच तलाक का मामला न्यायालय में लंबित था। आरोप है कि तलाक का प्रकरण वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा था और इसी विवाद के चलते मृतक को निशाना बनाया गया।

पुलिस का दावा है कि दामाद ने कथित तौर पर ससुर की हत्या के लिए बाहरी शूटरों से संपर्क किया और इसके बाद हत्या की योजना बनाई गई। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

हथियार बरामदगी से जांच को मिला आधार

चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हथियार और कारतूस बरामद होने को पुलिस जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पुलिस अब बरामद पिस्टल और अन्य सामान को जांच के लिए भेजने के साथ आरोपियों के बीच संपर्क, पैसों के लेनदेन और वारदात से पहले की गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है।

इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या की योजना कब बनाई गई, सुपारी की रकम का लेनदेन किस माध्यम से हुआ और वारदात में प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी।

इन धाराओं में दर्ज हुआ था मामला

मामले में शुरुआत में पुलिस ने बीएनएस की धारा 109(1), 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। जांच आगे बढ़ने पर प्रकरण में बीएनएस की धारा 103(1), 61(2) और 238 भी जोड़ी गईं।

पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और बरामद हथियारों, आरोपियों के बयानों तथा अन्य साक्ष्यों को विवेचना में शामिल किया जा रहा है।

कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त भूमिका

हत्याकांड की जांच में कोतवाली पुलिस के साथ साइबर सेल की टीम भी सक्रिय रही। कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, एएसआई अदीप प्रताप सिंह, विवेक पाण्डेय, देवनारायण यादव, प्रधान आरक्षक सुरजीत कोरी, सतीश सिंह, सियाराम मरावी, सदरक लकड़ा, आरक्षक विवेक राय, नितिन सिन्हा, शिवमंगल सिंह और कुश सोनी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।

इसके अलावा नगर सैनिक दशरथ राजवाड़े तथा साइबर सेल प्रभारी एएसआई अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, विकास सिन्हा, आरक्षक जितेश साहू, अशोक यादव, रमेश राजवाड़े, अमन पुरी और राहुल केरकेट्टा ने भी जांच में सहयोग किया।

रसूलपुर हत्याकांड में अब तक दामाद सहित चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस की जांच अब हत्या की साजिश, सुपारी की रकम और आरोपियों के बीच संपर्क की पूरी कड़ी को जोड़ने पर केंद्रित है।

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