केवरी पंचायत ने 1 सितंबर से लागू किया है पूर्ण शराबबंदी, 14 लोगों से 3-3 हजार और दो से 1500-1500 रुपये वसूले

लखनपुर। सरगुजा जिले के लखनपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत केवरी में पूर्ण शराबबंदी लागू किए जाने के बाद पंचायत ने नियमों के उल्लंघन के मामले में 16 लोगों पर आर्थिक जुर्माना लगाया है। पंचायत के अनुसार, ये लोग गांव से बाहर शराब का सेवन करने के बाद केवरी पहुंचे थे। कार्रवाई के तहत 14 लोगों से तीन-तीन हजार रुपये तथा दो लोगों से 1500-1500 रुपये जुर्माना वसूला गया। पंचायत के मुताबिक कुल 45 हजार रुपये की राशि जुर्माने के रूप में जमा हुई है।

ग्राम पंचायत केवरी में 1 सितंबर 2026 से शराबबंदी लागू की गई है। पंचायत के सरपंच मैनेजर राम के अनुसार, शराबबंदी का निर्णय ग्रामीणों के साथ बैठक और चर्चा के बाद लिया गया। बैठक में शराब सेवन से होने वाली सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं को लेकर ग्रामीणों की राय ली गई, जिसके बाद गांव में शराब के सेवन पर रोक लगाने का फैसला किया गया।

ग्रामीणों की सहमति से लिया गया निर्णय

पंचायत के अनुसार, शराबबंदी के फैसले को महिलाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों का समर्थन मिला। ग्रामीणों का कहना था कि शराब सेवन के बाद कई बार घरेलू विवाद, आपसी झगड़े और अन्य सामाजिक समस्याएं सामने आती हैं। इन समस्याओं को देखते हुए ग्रामीणों ने पंचायत के समक्ष गांव में पूर्ण शराबबंदी लागू करने का प्रस्ताव रखा था।

बाहर से शराब पीकर आने वालों पर निगरानी

शराबबंदी लागू होने के बाद पंचायत ने नियमों के पालन को लेकर निगरानी शुरू की। इसी दौरान पंचायत के संज्ञान में 16 लोगों के शराब पीकर गांव पहुंचने की जानकारी आई। पंचायत द्वारा संबंधित लोगों को बुलाकर मामले की जानकारी ली गई और निर्धारित प्रावधान के अनुसार जुर्माना लगाया गया।

पंचायत के अनुसार, 14 लोगों से तीन-तीन हजार रुपये के हिसाब से 42 हजार रुपये तथा दो लोगों से 1500-1500 रुपये के हिसाब से तीन हजार रुपये वसूले गए। इस तरह कुल 45 हजार रुपये की राशि जुर्माने के रूप में जमा हुई।

महिलाओं ने भी जताया समर्थन

गांव में शराबबंदी लागू करने में महिलाओं के समर्थन को भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि शराब सेवन पर रोक से घरेलू विवाद और सामाजिक समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

पंचायत का कहना है कि शराबबंदी को प्रभावी बनाए रखने के लिए ग्रामीणों की सहभागिता जरूरी है। पंचायत स्तर पर नियमों की निगरानी आगे भी जारी रखने की बात कही गई है। साथ ही नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर पंचायत द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

हालांकि, पंचायत द्वारा लगाए गए जुर्माने की वैधानिक स्थिति और उसके अधिकार क्षेत्र से जुड़े पहलू संबंधित प्रशासनिक प्रावधानों के अधीन होंगे।

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