अम्बिकापुर, 17 अगस्त 2026। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय अम्बिकापुर द्वारा राष्ट्रव्यापी मेगा एग्रीकल्चर क्रेडिट आउटरीच अभियान के तहत सोमवार को जनपद पंचायत लुंड्रा के सभाकक्ष में मेगा कृषि ऋण आउटरीच कैंप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों, कृषक उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, कृषि उद्यमियों एवं ग्रामीण ग्राहकों को बैंक की कृषि और ग्रामीण विकास योजनाओं की जानकारी देना तथा उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना रहा।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री प्रीति भगत सहित श्री अनुपम तिवारी एवं श्री सुभाष मिश्रा उपस्थित रहे। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रमुख श्री राजेश कुमार एवं एलडीएम सुश्री पूनम सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कैंप में किसानों एवं ग्रामीण ग्राहकों को किसान क्रेडिट कार्ड, एग्री गोल्ड लोन, सेंट नारी शक्ति योजना, सेंट किसान वाहन ऋण, कोल्ड स्टोरेज एवं वेयरहाउस वित्तपोषण, पीएमएफएमई योजना, स्वयं सहायता समूहों के वित्तपोषण तथा कृषि अधोसंरचना एवं कृषि आधारित उद्यमों के लिए उपलब्ध ऋण सुविधाओं की जानकारी दी गई।

इस दौरान आधुनिक कृषि, कृषि प्रसंस्करण, भंडारण, मूल्य संवर्धन, कृषि विपणन एवं ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बैंक की विभिन्न वित्तीय योजनाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। साथ ही कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, कृषक उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधि, कृषि उद्यमी, ग्रामीण युवा, व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संचालक एवं ग्रामीण ग्राहक शामिल हुए। प्रतिभागियों ने बैंक की कृषि एवं ग्रामीण विकास केंद्रित योजनाओं में रुचि दिखाई और विभिन्न ऋण योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन भी प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम के दौरान 20 स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। इन समूहों को कृषि, कृषि आधारित गतिविधियों, ग्रामीण उद्यमिता एवं अन्य संबंधित गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई।

बैंक अधिकारियों ने बताया कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों एवं ग्रामीण समुदाय के समग्र विकास में विश्वसनीय सहयोगी की भूमिका निभा रहा है। बैंक द्वारा सरल, त्वरित एवं ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ कृषि क्षेत्र के सतत विकास, ग्रामीण समृद्धि एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

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