18 अगस्त को उठी थी निष्पक्ष जांच की मांग, 20 अगस्त को शिक्षा विभाग ने जारी किया निलंबन आदेश

बलरामपुर। विकासखंड राजपुर के प्राथमिक शाला बालक आश्रम जिगड़ी में कक्षा पांचवीं के छात्र के साथ कथित मारपीट के मामले में शिक्षा विभाग ने दो दिन के भीतर बड़ी कार्रवाई की है। 18 अगस्त को छात्र की पिटाई का मामला सामने आने के बाद निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग उठी थी, वहीं 20 अगस्त को विभागीय जांच में आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए जाने पर प्रधान पाठक विपता राम रवि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

मामला 13 अगस्त 2026 का है। आरोप था कि कक्षा पांचवीं के छात्र जनक लाल के साथ प्रधान पाठक ने बांस की छड़ी से मारपीट की। घटना के बाद मामला सामने आया और छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर ने छात्र से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली थी। समाज की ओर से घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।

इसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच कराई। जांच में संबंधित छात्र, उसके भाई, विद्यालय के शिक्षक उमेश कुमार महंत तथा प्रधान पाठक विपता राम रवि के बयान लिए गए। साथ ही विद्यालय की दैनिक उपस्थिति पंजी का भी परीक्षण किया गया।

जांच में मारपीट का आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित

जांच प्रतिवेदन में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर छात्र जनक लाल के साथ प्रधान पाठक द्वारा बांस की छड़ी से मारपीट किए जाने की घटना प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाई गई। इसके अलावा घटना की तारीख से छात्र को अनुपस्थित दर्ज किए जाने के संबंध में विद्यालय की उपस्थिति पंजी में भी विसंगति सामने आई।

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित कृत्य निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 17(1) तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 के प्रावधानों के विपरीत है। इसे प्रथम दृष्टया गंभीर कदाचार की श्रेणी में माना गया है।

तत्काल प्रभाव से निलंबन

जांच प्रतिवेदन में उपलब्ध तथ्यों एवं अभिमत के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रधान पाठक विपता राम रवि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, वाड्रफनगर निर्धारित किया गया है। आदेश के अनुसार उन्हें निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

18 अगस्त को उठे सवाल, 20 अगस्त को हुई कार्रवाई

छात्र की कथित पिटाई का मामला सामने आने के बाद 18 अगस्त को छात्र सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग उठी थी। महज दो दिन बाद विभागीय जांच के आधार पर प्रधान पाठक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।

इस कार्रवाई के बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों के आचरण और विद्यालयीन अभिलेखों के रखरखाव को लेकर विभाग की गंभीरता सामने आई है। अब मामले में आगे की विभागीय प्रक्रिया के तहत अन्य तथ्यों और जिम्मेदारियों की स्थिति भी स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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