सहायक ग्रेड-2 से पदावनत कर सहायक ग्रेड-3 बनाया, निलंबन से बहाल कर मैनपाट में की गई पदस्थापना
अम्बिकापुर, 24 अगस्त 2026। शासकीय नजूल भूमि का नामांतरण नियमों और भूमि स्वामी घोषित करने संबंधी प्रावधानों का पालन नहीं करते हुए निजी व्यक्तियों के खातों में दर्ज किए जाने के मामले में जिला कार्यालय अम्बिकापुर की नजूल शाखा में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 श्री अजय कुमार तिवारी के विरुद्ध विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित पाए गए हैं। मामले में उन्हें मुख्य शास्ति के तहत सहायक ग्रेड-2 से पदावनत कर सहायक ग्रेड-3 के पद पर बहाल किया गया है।
श्री तिवारी पर शासकीय भूमि के संरक्षण संबंधी दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं करने तथा नियमों का पालन किए बिना शासकीय नजूल भूमि को निजी व्यक्तियों के खातों में पट्टे के रूप में दर्ज किए जाने में संलिप्तता का आरोप था। इस मामले में थाना गांधीनगर में 11 मार्च 2024 को भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120-बी के तहत अपराध भी दर्ज किया गया था।
पदीय दायित्वों में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता के चलते उन्हें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धौरपुर कार्यालय में कार्य करने के लिए आदेशित किया गया था। इसके बाद 15 मार्च 2024 से वे कर्तव्य से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए। इन परिस्थितियों में 28 मार्च 2024 को उन्हें निलंबित कर मुख्यालय तहसील कार्यालय उदयपुर निर्धारित किया गया।
निलंबन के बाद उन्हें आरोप पत्र जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 14 के तहत नियमित विभागीय जांच शुरू की गई। विभागीय जांच अधिकारी ने जांच पूर्ण कर प्रस्तुत प्रतिवेदन में श्री तिवारी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को प्रमाणित पाया। जांच प्रतिवेदन पर उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब को भी संतोषजनक नहीं माना गया।
विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित होने और कर्तव्य से अनधिकृत अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के प्रावधानों के उल्लंघन के आधार पर उनके विरुद्ध मुख्य शास्ति अधिरोपित की गई।
आदेश के अनुसार श्री अजय कुमार तिवारी को सहायक ग्रेड-2 के पद से पदावनत कर सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्त किया गया है। उनका वेतनमान 5200-20200, ग्रेड पे 2400, मैट्रिक्स लेवल-6/10 से घटाकर 5200-20200, ग्रेड पे 1900, मैट्रिक्स लेवल-4/01 निर्धारित किया गया है। निलंबन से बहाल करते हुए उन्हें तहसील कार्यालय मैनपाट, जिला सरगुजा में पदस्थ किया गया है।
निलंबन अवधि को केवल सेवानिवृत्ति हितलाभ अथवा स्वत्वों के लिए सेवा अवधि माना गया है। इस अवधि में प्राप्त वेतन को जीवन निर्वाह भत्ते तक सीमित किया गया है और अन्य वेतन अथवा भत्ते देय नहीं होंगे।
