हितग्राहियों से सीधा संवाद कर रेत, सीमेंट, किस्त और सेंटिंग प्लेट जैसी समस्याओं का किया जा रहा समाधान
अम्बिकापुर, 05 सितम्बर 2026। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत जिले में अपूर्ण एवं अप्रारंभ आवासों के निर्माण में तेजी लाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष पहल की जा रही है। कलेक्टर श्री अजीत वसंत के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ सुश्री रोमा श्रीवास्तव के निर्देश पर जिले के सभी 7 जनपद पंचायतों की उन ग्राम पंचायतों में ‘आवास चौपाल’ आयोजित की जा रही है, जहां अपेक्षाकृत अधिक आवास अपूर्ण हैं।
आवास चौपाल के माध्यम से हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके आवास निर्माण की वास्तविक स्थिति एवं निर्माण कार्य में आ रही समस्याओं की जानकारी ली जा रही है। रेत, सीमेंट की उपलब्धता, आवास की किस्त, सेंटिंग प्लेट सहित अन्य निर्माण संबंधी बाधाओं का स्थानीय स्तर पर समाधान कराने की दिशा में आवश्यक पहल की जा रही है।
चौपाल में संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच, उपसरपंच, पंच, अपूर्ण एवं अप्रारंभ आवासों के हितग्राहियों के साथ बिहान समूह की दीदियों और स्थानीय राजमिस्त्रियों को भी शामिल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य हितग्राहियों को निर्माण कार्य के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना और आवासों को समय-सीमा में पूर्ण कराना है।
प्रत्येक आवास के लिए तैयार होगी कार्ययोजना

आवास चौपाल का उद्देश्य केवल समस्याओं की पहचान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक अपूर्ण आवास को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए व्यक्तिगत कार्ययोजना तैयार करना भी है। राजमिस्त्रियों एवं बिहान समूह की दीदियों के सहयोग से आवासों की प्रगति की निगरानी की जाएगी। हितग्राहियों से सतत संपर्क बनाए रखते हुए उन्हें निर्माण कार्य शीघ्र शुरू एवं पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
राजमिस्त्रियों को गुणवत्तापूर्ण निर्माण तथा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप समय पर आवास पूर्ण करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया जा रहा है। वहीं बिहान समूह की दीदियों को हितग्राहियों से लगातार संपर्क कर उन्हें निर्माण कार्य आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी के प्रति प्रोत्साहित किया जा रहा है।
100 प्रतिशत हितग्राहियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश

जिला पंचायत सीईओ सुश्री रोमा श्रीवास्तव ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवास चौपाल में 100 प्रतिशत अपूर्ण एवं अप्रारंभ आवास वाले हितग्राहियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रत्येक हितग्राही से आवास की वास्तविक स्थिति एवं निर्माण में आ रही बाधाओं की जानकारी लेकर उनका प्राथमिकता से निराकरण कराने को कहा है।
उन्होंने राजमिस्त्रियों एवं बिहान समूह की दीदियों के सहयोग से प्रत्येक आवास के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने तथा निर्माण कार्य की सतत निगरानी के निर्देश भी दिए हैं।
जिलेभर में आयोजित की जा रही आवास चौपालें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों की समस्याओं को गांव में ही सुनने और उनके समाधान का प्रभावी माध्यम बन रही हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि सामुदायिक सहभागिता और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के सहयोग से अपूर्ण आवासों को शीघ्र पूर्ण कर पात्र परिवारों को सुरक्षित एवं पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके।
