रांची: झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार को JPSC और JSSC परीक्षाओं को रद्द करने तथा पेपर लीक की CBI जांच की मांग को लेकर विधानसभा घेराव करने निकले छात्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। स्थिति को अनियंत्रित होता देख पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन (पानी की बौछार), आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का इस्तेमाल करना पड़ा। इस हिंसक टकराव में 3 पुलिसकर्मियों समेत करीब 4 से 5 छात्र मामूली रूप से घायल हुए हैं।
🚨 अंतिम बैरिकेड्स टूटते ही बिगड़े हालात
JPSC-JSSC सुधार मंच के बैनर तले हजारों की संख्या में छात्र रांची की सड़कों पर उतरे थे। प्रदर्शनकारियों का हुजूम जैसे ही सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए विधानसभा भवन के बेहद करीब (लगभग 200 मीटर दूर) पहुंचा, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
रांची सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि भीड़ में शामिल कुछ उग्र तत्वों ने अंतिम बैरिकेडिंग और कटीले तारों को धकेलते हुए तैनात सुरक्षाकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया गया, जिसके जवाब में पुलिस को आत्मरक्षार्थ और कानून-व्यवस्था बहाल रखने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

⚠️ ‘पेलेट गन’ नहीं, ‘पेंटबॉल गन’ का हुआ इस्तेमाल: पुलिस
सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा छात्रों पर पेलेट गन चलाने की उड़ रही अफवाहों पर रांची पुलिस ने स्थिति साफ की है। सिटी एसपी पारस राणा ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों ने किसी भी पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया है। उपद्रवियों और पथराव करने वालों की पहचान करने के लिए ‘पेंटबॉल गन’ का उपयोग किया गया था, जिससे केवल रंग की सॉफ्ट गेंदें निकलती हैं ताकि बाद में दोषियों को चिन्हित किया जा सके। एसपी के मुताबिक, 90 प्रतिशत छात्र शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे, लेकिन 10 प्रतिशत उग्र तत्वों ने माहौल बिगाड़ा।
🎒 किन मांगों को लेकर अड़े हैं छात्र?
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- CBI जांच: JSSC-CGL परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराई जाए।
- ब्लैकलिस्टिंग: परीक्षा आयोजित करने वाली TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड नामक एजेंसी को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए और उसके द्वारा ली गई सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाए।
- भूख हड़ताल: आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, और वे एम्बुलेंस से ही इस मार्च में शामिल होने पहुंचे थे।
🛡️ सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विधानसभा मार्च को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और जिला पुलिस बल के 1500 से अधिक जवानों की तैनाती की गई थी। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है, लेकिन इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त चौकसी बरती जा रही है।

