योजना के तहत मिले 5 बकरी और 1 बकरा, मेहनत से बकरी पालन को बनाया आय का जरिया

अम्बिकापुर, 17 सितम्बर 2026। सरकारी योजनाओं का लाभ यदि सही तरीके से आजीविका से जुड़ जाए तो ग्रामीण परिवारों के लिए स्वरोजगार का मजबूत आधार बन सकता है। सरगुजा जिले के लुंड्रा विकासखंड के ग्राम सिलसिला निवासी जयनाथ राम की कहानी इसका एक उदाहरण है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) के तहत मिले पशुधन से उन्होंने बकरी पालन शुरू किया और इसे अपनी आय का जरिया बनाया।

पशुधन मिला तो शुरू हुआ नया काम

पशुपालन विभाग द्वारा राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के अंतर्गत जयनाथ राम को 5 बकरियां और 1 बकरा उपलब्ध कराया गया। पशुधन मिलने के बाद उन्होंने नियमित देखभाल और मेहनत के साथ बकरी पालन को आगे बढ़ाया।

जयनाथ राम के अनुसार, बकरी पालन से उन्हें करीब 30 हजार रुपये का आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ है। इससे उन्हें अपने परिवार की आय बढ़ाने का अवसर मिला और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता तैयार हुआ।

मेहनत से बढ़ा आय का जरिया

जयनाथ राम ने पशुधन की देखभाल करते हुए बकरी पालन को धीरे-धीरे अपनी आजीविका का हिस्सा बनाया। योजना के माध्यम से शुरुआती पशुधन मिलने से उन्हें व्यवसाय शुरू करने में मदद मिली। बकरी पालन से प्राप्त आर्थिक लाभ ने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में भी सहारा दिया।

उन्होंने बताया कि पशुधन मिलने से उन्हें ऐसा काम मिला, जिसे वे अपने गांव में रहकर ही आगे बढ़ा सकते हैं। भविष्य में पशुधन की संख्या बढ़ाकर आय के इस साधन को और मजबूत करने की उनकी उम्मीद है।

योजना के सहयोग के लिए जताया आभार

जयनाथ राम ने योजना के माध्यम से मिले सहयोग के लिए शासन और पशुपालन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पशुधन उपलब्ध होने से उन्हें परिवार की आय बढ़ाने और अपने पैरों पर खड़े होने का बेहतर अवसर मिला है।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत मिले इस सहयोग ने जयनाथ राम के लिए बकरी पालन के रूप में स्वरोजगार का एक नया माध्यम उपलब्ध कराया है। ग्रामीण क्षेत्र में पशुपालन आधारित गतिविधियों को आय से जोड़ने की दिशा में ऐसे प्रयासों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

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