पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से सरगुजा में बढ़ी रूफटॉप सोलर की पहुंच, हजारों परिवारों ने कराया आवेदन
अम्बिकापुर, 18 सितंबर 2026। बिजली की जरूरत पूरी करने के साथ घरेलू खर्च को नियंत्रित करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए रूफटॉप सोलर को अपनाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सोलर संयंत्र लगाने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना का एक प्रमुख पहलू यह है कि उपभोक्ता अपनी छत पर बिजली का उत्पादन कर अपनी खपत पूरी करने के साथ अतिरिक्त बिजली को निर्धारित व्यवस्था के तहत ग्रिड में भेज सकता है।

सरगुजा में 3282 आवेदन, 1733 घरों में संयंत्र स्थापित
सरगुजा जिले में योजना के प्रति लोगों की रुचि के आंकड़े भी सामने आए हैं। वर्ष 2025-26 के लिए जिले में 2,000 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले 3,282 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 3,222 आवेदनों में वेंडर का चयन किया जा चुका था, जबकि 1,733 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके थे।
अम्बिकापुर शहर में 1,000 के लक्ष्य के विरुद्ध 2,158 आवेदन प्राप्त हुए और 1,360 घरों में संयंत्र लगाए गए। वहीं अम्बिकापुर ग्रामीण क्षेत्र में 1,000 के लक्ष्य के मुकाबले 1,124 आवेदन मिले और 373 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके थे।
दो परिवारों के अनुभव में दिखा बदलाव
अम्बिकापुर के राजेंद्र प्रसाद वार्ड, दर्रीपारा निवासी विनोद कुमार राय ने योजना के तहत अपने घर की छत पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगवाया। उनके अनुसार, संयंत्र लगाने से पहले कई बार उनका बिजली बिल 4 से 5 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंच जाता था।
करीब 2 लाख रुपये की लागत वाले संयंत्र पर उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सब्सिडी मिली। कुल 1.08 लाख रुपये की सहायता मिलने के बाद उन्होंने यह राशि सोलर संयंत्र के लिए लिए गए बैंक ऋण में जमा की।
विनोद राय के अनुसार, कई बार संयंत्र से बनने वाली बिजली घरेलू खपत से अधिक हो जाती है। ऐसी स्थिति में अतिरिक्त बिजली ग्रिड में चली जाती है और लागू नियमों के अनुसार उसका समायोजन/लाभ मिलता है। उनके लिए यह व्यवस्था बिजली की खपत के साथ उत्पादन में भागीदारी का अनुभव भी है।
इसी तरह अम्बिकापुर के मायापुर निवासी नीधि वर्मा ने भी अपने घर में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कराया। उनके अनुसार, पहले घर का बिजली बिल करीब 4 से 5 हजार रुपये प्रतिमाह आता था। सौर ऊर्जा का उपयोग शुरू होने के बाद बिजली खर्च में कमी महसूस हुई। उन्हें भी योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार से कुल करीब 1.08 लाख रुपये की सहायता मिलने की जानकारी दी गई।
स्मार्ट मीटर से खपत पर निगरानी
रूफटॉप सोलर के साथ स्मार्ट मीटर और डिजिटल माध्यमों से बिजली की खपत एवं उत्पादन पर नजर रखना भी आसान हुआ है। लाभार्थी विनोद कुमार राय के अनुसार, वे ‘मोर बिजली’ ऐप और स्मार्ट मीटर के जरिए अपने घर की बिजली खपत देखते हैं।
दैनिक खपत की जानकारी मिलने से परिवार अनावश्यक रूप से चल रहे विद्युत उपकरणों को बंद करने के प्रति भी सजग हुआ है। इस तरह सौर ऊर्जा के साथ बिजली बचत को लेकर जागरूकता बढ़ने की बात लाभार्थियों ने बताई।
अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने की सुविधा

रूफटॉप सोलर व्यवस्था में घर की छत पर उत्पादित बिजली का उपयोग पहले घरेलू जरूरतों के लिए किया जाता है। उत्पादन और खपत की स्थिति के अनुसार अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजी जा सकती है। इसके लिए लागू नियमों और संबंधित विद्युत व्यवस्था के प्रावधान प्रभावी होते हैं।
इस व्यवस्था से घरेलू उपभोक्ता केवल बिजली लेने वाला ग्राहक न रहकर बिजली उत्पादन की प्रक्रिया में भी सहभागी बन सकता है।
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा
सौर ऊर्जा का विस्तार पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है। घरों की खाली छतों का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए होने से छोटे स्तर पर ऊर्जा उत्पादन की इकाइयां विकसित की जा सकती हैं।
योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता, घरेलू बिजली खर्च में संभावित बचत और अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने की व्यवस्था लोगों को रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
हर छत बन सकती है ऊर्जा उत्पादन का माध्यम
सरगुजा में प्राप्त आवेदनों और स्थापित संयंत्रों के आंकड़े बताते हैं कि शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी रूफटॉप सोलर को लेकर रुचि है। योजना का विस्तार होने के साथ घरों की छतें केवल आवास का हिस्सा न रहकर छोटी ऊर्जा उत्पादन इकाइयों के रूप में उपयोग की जा सकती हैं।
विनोद कुमार राय और नीधि वर्मा जैसे लाभार्थियों के अनुभव इस बदलाव का उदाहरण हैं, जहां परिवार अपनी बिजली की जरूरतों के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करने के साथ ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया में भी शामिल हो रहे हैं। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए इसी तरह स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा बचत और नागरिक भागीदारी को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
