बिंदल मॉल के पास रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग के बाद भागे थे छत्तीसगढ़ की ओर, मणिपुर पुलिस ने चेकिंग के दौरान पकड़ा

अंबिकापुर। झारखंड के जमशेदपुर में बिंदल मॉल के पास रेस्टोरेंट में हुई गोलीबारी के मामले में अंबिकापुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मणिपुर थाना पुलिस ने रविवार देर शाम चेकिंग के दौरान आर्टिगा कार सवार चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। झारखंड पुलिस से मिली सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पकड़े गए चारों की पहचान टीटू शर्मा, मनोज सरकार, शंकर मुंडा और दीपु ओझा के रूप में बताई जा रही है।
चारों पर जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग की साजिश में शामिल होने का संदेह है। घटना के बाद झारखंड पुलिस ने आरोपियों के छत्तीसगढ़ और ओडिशा की ओर भागने की आशंका को देखते हुए दोनों राज्यों की पुलिस को अलर्ट किया था। इसी सूचना के आधार पर अंबिकापुर क्षेत्र में वाहनों की जांच तेज की गई थी।
टोल प्लाजा के पास पुलिस ने रोका वाहन
पुलिस के अनुसार, गोलीकांड के बाद संदिग्ध आरोपी वाहनों के जरिए झारखंड से बाहर निकले थे। रास्ते में एक वाहन खराब होने के बाद उन्होंने दूसरे वाहन से आगे बढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान उनके छत्तीसगढ़ की ओर आने की सूचना पुलिस को मिली।
अंबिकापुर क्षेत्र में निगरानी और वाहन जांच के दौरान आर्टिगा कार में सवार चार संदिग्ध पुलिस के हत्थे चढ़ गए। मणिपुर थाना पुलिस ने चारों को हिरासत में लेकर झारखंड पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद झारखंड पुलिस की टीम अंबिकापुर पहुंच गई है। मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद चारों को झारखंड पुलिस के सुपुर्द किए जाने की कार्रवाई की जा रही है।
बिंदल मॉल के पास हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग
जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र में मरीन ड्राइव के पास स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में 26 सितंबर की दोपहर गोलीबारी की घटना हुई थी। बताया गया कि रेस्टोरेंट में कुछ युवक खाना खा रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार तीन युवक वहां पहुंचे। इनमें से दो रेस्टोरेंट के अंदर गए और अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जबकि एक आरोपी बाहर बाइक के पास रुका रहा।
अचानक हुई गोलीबारी से रेस्टोरेंट में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने करीब 11 राउंड फायर किए। घटना में डोमनिक सैमसन, रिजवान, दिलशाद और कृष्णा चौधरी घायल हुए। इनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई थी। सभी घायलों को उपचार के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में भर्ती कराया गया।
CCTV फुटेज से मिली सुराग

घटना के बाद जमशेदपुर पुलिस ने मौके के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में संदिग्धों की गतिविधियां सामने आने के बाद पुलिस ने उनकी पहचान और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई।
जमशेदपुर के एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब के निर्देश पर मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया। टीम ने झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल और आसपास के इलाकों में भी संदिग्धों की तलाश में कार्रवाई की। इसी जांच के दौरान आरोपियों के छत्तीसगढ़ की ओर भागने की जानकारी सामने आई।
साजिश में भूमिका की जांच
पुलिस की शुरुआती जांच में अंबिकापुर में पकड़े गए चारों लोगों की भूमिका सीधे गोली चलाने वालों के बजाय कथित तौर पर वारदात की साजिश और सहयोग से जुड़ी होने की बात सामने आई है। हालांकि, उनकी वास्तविक भूमिका पूछताछ और आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस गोलीकांड के पीछे संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में जमीन कारोबार, रेलवे ठेकेदारी, पुरानी रंजिश और क्षेत्र में वर्चस्व से जुड़े विवाद जैसे पहलुओं को जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटा रही है।
अब सीधे फायरिंग करने वालों की तलाश
चार संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद झारखंड पुलिस अब उनसे पूछताछ के आधार पर गोली चलाने वाले आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास करेगी। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात की योजना किसने बनाई, हथियार कहां से उपलब्ध कराए गए और आरोपियों को भागने में किस-किस ने मदद की।
अंबिकापुर में हुई इस कार्रवाई के बाद जमशेदपुर पुलिस की जांच को अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। फिलहाल चारों संदिग्धों को झारखंड पुलिस के सुपुर्द करने की प्रक्रिया जारी है।

