पंडो समुदाय की पूजा अप्रैल से थी बीमार, 12 सितंबर को मेडिकल कॉलेज में हुई थी भर्ती; मां की हालत भी गंभीर
अंबिकापुर। बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम चूनापाथर निवासी विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो समुदाय की 16 वर्षीय छात्रा पूजा पंडो की घर लौटते समय रास्ते में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती पूजा को 16 सितंबर की रात मौखिक रूप से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया, जबकि उसकी तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं थी। अस्पताल से निकलने के कुछ घंटे बाद रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने उपचार और अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की परिस्थितियों की जांच की मांग की है।

अप्रैल से खराब थी तबीयत
परिजनों के मुताबिक पूजा पंडो, पिता धनपत पंडो, चूनापाथर के मिडिल स्कूल में कक्षा आठवीं की छात्रा थी। उसकी तबीयत अप्रैल 2026 से खराब चल रही थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण शुरुआती दौर में परिजन गांव में ही स्थानीय चिकित्सकों से उसका उपचार कराते रहे। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर उसकी हालत बिगड़ती गई।
इसके बाद परिजन 12 सितंबर को पूजा को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल, अंबिकापुर लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
रात में घर भेजने का परिजनों का आरोप
स्वजन का आरोप है कि 16 सितंबर की रात करीब 11 बजे चिकित्सक और अस्पताल स्टाफ ने पूजा को मौखिक रूप से छुट्टी दे दी। इसके बाद परिजन निजी वाहन से उसे लेकर गांव के लिए रवाना हुए। पूजा की बीमार मां सुनीता पंडो भी उसी वाहन में साथ थीं।
परिजनों के अनुसार, रात करीब 2:30 बजे घाट पेंडारी के पास पहुंचने के दौरान पूजा की हालत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। वहीं उसकी मां सुनीता की तबीयत भी गंभीर बताई जा रही है।
इलाज और छुट्टी को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में पूजा के इलाज और उसे छुट्टी दिए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि छात्रा की हालत गंभीर थी तो उसे अस्पताल में रखकर उपचार जारी क्यों नहीं रखा गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पूजा को गहन चिकित्सा इकाई में रखने के बजाय सामान्य वार्ड में रखा गया था।
हालांकि, अस्पताल प्रबंधन या संबंधित चिकित्सकों का पक्ष इस मामले में सामने आना बाकी है। इसलिए इलाज में लापरवाही और छुट्टी दिए जाने के कारणों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
निष्पक्ष जांच और सहायता की मांग
पूजा की मौत की खबर के बाद चूनापाथर गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों और परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदारी तय होने पर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि पूजा एक छात्रा थी और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उसका इलाज कराने का प्रयास किया जा रहा था। ऐसे में अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की परिस्थितियों और रास्ते में हुई मौत की पूरी जांच जरूरी है।
