विधिक मापविज्ञान विभाग ने सभी पैग मेजर के सत्यापन और मुद्रांकन के दिए आदेश, सात दिन में मांगी कार्रवाई रिपोर्ट

रायपुर/अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के बार और रेस्टोरेंट में शराब परोसने के दौरान इस्तेमाल होने वाले पैग मेजर की माप शुद्धता को लेकर शिकायत के बाद विधिक मापविज्ञान विभाग ने प्रदेशभर में विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को बार एवं रेस्टोरेंट में इस्तेमाल किए जा रहे पैग मेजर की जांच कर उनका नियमानुसार सत्यापन और मुद्रांकन सुनिश्चित करने को कहा है।

यह मामला वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र कुमार जायसवाल की शिकायत के बाद सामने आया। उन्होंने 2 अप्रैल 2026 को विभाग के समक्ष शिकायत कर आरोप लगाया था कि प्रदेश के विभिन्न बार एवं रेस्टोरेंट में शराब परोसने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पैग मेजर का विधिक मापविज्ञान अधिनियम, 2009 एवं संबंधित नियमों के तहत नियमित सत्यापन और मुद्रांकन नहीं किया जा रहा है।

शिकायत के बाद विभाग ने जारी किए निर्देश

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए नियंत्रक, विधिक मापविज्ञान, छत्तीसगढ़ के कार्यालय ने सभी संबंधित सहायक नियंत्रकों और निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित बार एवं रेस्टोरेंट का विशेष अभियान के तहत निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों को प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले सभी पैग मेजर की जांच करने और नियमानुसार उनका सत्यापन एवं मुद्रांकन सुनिश्चित करने को कहा गया है। यदि किसी प्रतिष्ठान में माप उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उपभोक्ता के लिए क्यों महत्वपूर्ण है पैग मेजर?

बार में ग्राहक को निर्धारित मात्रा के हिसाब से शराब परोसी जाती है। ऐसे में इस्तेमाल किए जाने वाले माप उपकरण की शुद्धता उपभोक्ता हित से सीधे जुड़ी है। सही माप उपकरण यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि ग्राहक को निर्धारित मात्रा के अनुरूप ही शराब परोसी जाए।

इसी वजह से पैग मेजर का नियमानुसार सत्यापन और मुद्रांकन महत्वपूर्ण माना जाता है। विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रदेश के कितने प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल हो रहे उपकरण निर्धारित नियमों के अनुरूप हैं।

सात दिन में मांगी गई कार्रवाई रिपोर्ट

विभागीय निर्देश में संबंधित अधिकारियों से की गई कार्रवाई और पैग मेजर के सत्यापन की रिपोर्ट सात दिवस के भीतर मुख्यालय भेजने को कहा गया था। अब इस रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आ सकती है कि अभियान के दौरान कितने बार एवं रेस्टोरेंट की जांच हुई और कितने माप उपकरणों का सत्यापन किया गया।

RTI से सामने आई कार्रवाई की जानकारी

शिकायतकर्ता द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत विभाग से मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई थी। इसके जवाब में विधिक मापविज्ञान विभाग के जनसूचना अधिकारी ने 25 अगस्त 2026 को पत्र जारी कर शिकायत पर की गई कार्रवाई से संबंधित सूचना की सत्यापित छायाप्रति उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी।

इससे शिकायत, विभागीय निर्देश और उसके बाद RTI के जरिए मांगी गई जानकारी के बीच की कार्रवाई का दस्तावेजी रिकॉर्ड सामने आया है।

अब मैदानी कार्रवाई पर नजर

विभाग की ओर से जांच के निर्देश जारी होने के बाद अब निगाहें इनके क्रियान्वयन पर हैं। विशेष अभियान में कितने प्रतिष्ठानों की जांच हुई, कितने पैग मेजर सत्यापित और मुद्रांकित मिले तथा कितने मामलों में नियमों के तहत कार्रवाई हुई—इन बिंदुओं की जानकारी कार्रवाई रिपोर्ट से स्पष्ट होगी।

फिलहाल, एक शिकायत के बाद विधिक मापविज्ञान विभाग ने प्रदेश के बार एवं रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले पैग मेजर की जांच और सत्यापन को लेकर अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *