रामानुजगंज के श्रीकांत रवि हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, पत्नी मनीषा, प्रेमी मोहम्मद हसन और पिकअप चालक गिरफ्तार; दो आरोपी अब भी फरार
गढ़वा/रंका। झारखंड के रंका थाना क्षेत्र में सामने आए श्रीकांत रवि हत्याकांड ने पुलिस जांच में नया मोड़ ले लिया है। जिस घटना को शुरुआती तौर पर सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, पुलिस के अनुसार वह दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। पुलिस जांच में कथित तौर पर सामने आया कि मृतक की पत्नी मनीषा ने अपने प्रेमी मोहम्मद हसन के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। इसके बाद पिकअप वाहन से मोटरसाइकिल को टक्कर मारकर श्रीकांत की हत्या कर दी गई और पूरी घटना को सड़क हादसे का रूप देने का प्रयास किया गया।
पुलिस उपाधीक्षक रोहित रंजन सिंह ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मामले की जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे दुर्घटना की कहानी पर संदेह गहराया। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने घटना में शामिल आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पिकअप की टक्कर से हुई थी मौत

पुलिस के अनुसार घटना 5 जून की सुबह रंका-गोदरमाना मार्ग पर बरवाहा मोड़ के समीप हुई थी। रामानुजगंज निवासी श्रीकांत रवि अपनी अपाचे मोटरसाइकिल से रामानुजगंज से चिनियां स्थित अपने ससुराल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पर पहले से मौजूद लोगों ने कथित रूप से पिकअप वाहन से उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि श्रीकांत की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पिकअप सवार लोग वहां से फरार हो गए। प्रथम दृष्टया मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हुआ और पुलिस ने जांच शुरू की।
लेकिन मृतक की मां शांति देवी द्वारा रंका थाना तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिए गए आवेदन के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना के सभी पहलुओं की जांच शुरू की।
13 साल पहले हुई थी श्रीकांत और मनीषा की शादी
पुलिस के अनुसार श्रीकांत रवि की शादी करीब 13 वर्ष पहले झामुमो जिलाध्यक्ष शंभू राम की पुत्री मनीषा से हुई थी। मनीषा का मायका चिनियां क्षेत्र में बताया गया है। शादी के शुरुआती वर्षों में दोनों के बीच संबंध सामान्य रहे। इस दौरान दंपती के तीन बच्चे भी हुए।
बाद में श्रीकांत के परिचित मोहम्मद हसन, जो विजयनगर का रहने वाला था और रामानुजगंज में मोबाइल सॉल्यूशन नाम से दुकान संचालित करता था, का श्रीकांत के घर आना-जाना बढ़ गया। पुलिस के अनुसार मोहम्मद हसन और श्रीकांत एक ही गांव के रहने वाले थे, जिसके चलते दोनों के बीच पारिवारिक स्तर पर विश्वास का संबंध बन गया था।
घर में आने-जाने के दौरान मनीषा के करीब आया हसन
पुलिस जांच के अनुसार इसी दौरान मोहम्मद हसन की नजदीकी श्रीकांत की पत्नी मनीषा से बढ़ गई। पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गया था। धीरे-धीरे यह संबंध इतना गहरा हो गया कि इसकी जानकारी श्रीकांत को भी हो गई।
इसके बाद दंपती के बीच विवाद और तनाव बढ़ने लगा। परिवार के स्तर पर भी मामले को सुलझाने और मनीषा को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कथित तौर पर वह मोहम्मद हसन के साथ रहने की इच्छा पर कायम रही।
विवाद बढ़ने के बाद मनीषा पिछले करीब चार-पांच महीने से अपने मायके चिनियां में रह रही थी।
पति को रास्ते से हटाने की बनाई योजना
पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आया कि मनीषा और मोहम्मद हसन के बीच श्रीकांत को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा था। पुलिस का दावा है कि दोनों ने श्रीकांत को रास्ते से हटाने की योजना बनाई, ताकि उनके संबंधों में कोई बाधा न रहे।
इसी योजना के तहत पिकअप वाहन चालक परवेज अंसारी उर्फ पप्पू, निवासी बांदू, थाना रंका, से कथित तौर पर संपर्क किया गया। पुलिस के अनुसार श्रीकांत की हत्या के लिए एक लाख रुपये में सौदा तय किया गया था।
जांच में पुलिस को कथित तौर पर यह भी पता चला कि मोहम्मद हसन ने परवेज अंसारी को ऑनलाइन माध्यम से एक लाख रुपये का भुगतान किया था। पुलिस ने इस लेनदेन को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना है।
पत्नी ने फोन कर बुलाया, रास्ते में घात लगाकर बैठे थे आरोपी
पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन मनीषा ने श्रीकांत से संपर्क कर उसे चिनियां आने के लिए कहा था। पत्नी से मिलने की बात पर श्रीकांत मोटरसाइकिल से रामानुजगंज स्थित अपने घर से चिनियां के लिए रवाना हुआ।
इसी दौरान आरोपियों ने कथित रूप से पहले से हत्या की तैयारी कर रखी थी। पुलिस के मुताबिक मोहम्मद हसन अपने दो साथियों इमरान अंसारी और असराज अंसारी के साथ अर्टिगा कार में मौजूद था। वहीं पिकअप वाहन लेकर परवेज अंसारी भी मौके पर मौजूद था।
जैसे ही श्रीकांत मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा, पिकअप वाहन ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में श्रीकांत की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार घटना को सड़क दुर्घटना जैसा दिखाने के बाद आरोपी वहां से निकल गए।
तकनीकी साक्ष्यों से खुला हत्या का राज
घटना के बाद मृतक की मां की शिकायत और पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर जांच आगे बढ़ाई गई। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल फोन और टावर लोकेशन सहित अन्य बिंदुओं की जांच की।
पुलिस के अनुसार जांच में मोहम्मद हसन और उसके साथियों की मोबाइल टावर लोकेशन घटना के समय घटनास्थल के आसपास पाई गई। इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान और अन्य सूचनाओं को भी जांच का हिस्सा बनाया गया।
इन साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पत्नी, प्रेमी और पिकअप चालक गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में मनीषा, मोहम्मद हसन और पिकअप चालक परवेज अंसारी उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
वहीं पुलिस के अनुसार घटना में शामिल दो अन्य आरोपी इमरान अंसारी और असराज अंसारी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया गया है।
जांच टीम की रही अहम भूमिका
हत्याकांड के खुलासे में पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच टीम में पुलिस उपाधीक्षक रोहित रंजन सिंह, पुलिस निरीक्षक सुभाष कुमार पासवान, थाना प्रभारी रविकुमार केशरी, पुलिस अवर निरीक्षक अनिल हेम्ब्रम, पुलिस अवर निरीक्षक सफीउल्लाह अंसारी, लल्लू कुमार रवि, प्रमोद कुमार और रवि भगत सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक तौर पर सड़क हादसा प्रतीत होने वाले इस मामले की गहराई से जांच के बाद हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों को जुटाने की कार्रवाई जारी है।
