सूरजपुर। सरगुजा जिले के के्रता स्थित मां महामाया शक्कर कारखाने में स्क्रैप की नीलामी और उसके उठाव को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। अमन एसोसिएट्स, महामाया सरगुजा की ओर से कलेक्टर को शिकायत सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने नीलामी प्रक्रिया में अनियमितता की आशंका जताते हुए शासन को संभावित आर्थिक नुकसान की बात कही है।
शिकायत में बताया गया है कि कारखाने में करीब 20 टन स्क्रैप की ऑनलाइन नीलामी की गई थी। आरोप है कि नीलामी में निर्धारित मात्रा से अधिक स्क्रैप का उठाव किया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 6 अगस्त 2026 को एक वाहन के जरिए करीब 24 टन स्क्रैप ले जाए जाने की जानकारी सामने आई है। इसे लेकर नीलाम की गई मात्रा और वास्तविक उठाव के बीच अंतर पर सवाल उठाए गए हैं।

अतिरिक्त स्क्रैप देने पर भी सवाल
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि निर्धारित मात्रा से अधिक सामग्री उठाए जाने के बाद उसी खरीदार को कारखाने में मौजूद अन्य स्क्रैप सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि यदि अतिरिक्त स्क्रैप की बिक्री की जानी थी तो उसके लिए दोबारा निविदा प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई।
शिकायत के अनुसार, 9 अगस्त को भी स्क्रैप उठाने के लिए एक वाहन कारखाना परिसर में पहुंचा था। इस संबंध में वाहन प्रवेश रजिस्टर और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कराने की मांग की गई है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

जांच कमेटी बनाने की मांग
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने की मांग की है। साथ ही स्क्रैप के नीलामी और उठाव से संबंधित दस्तावेजों, वाहन रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य अभिलेखों की जांच कराने का आग्रह किया गया है।
आवेदन में कारखाना प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई करने तथा शेष स्क्रैप की बिक्री के लिए नियमानुसार नई निविदा प्रक्रिया अपनाने की मांग भी की गई है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में प्रशासन या कारखाना प्रबंधन की ओर से जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि स्क्रैप की नीलामी, मात्रा और उठाव की प्रक्रिया में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।

