14 घायल, बिजली के तार की अफवाह के बाद मची अफरा-तफरी; मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा

लखीसराय, 17 अगस्त। सावन के तीसरे सोमवार को बिहार के लखीसराय जिले स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर के बाहर सोमवार सुबह भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। हादसे में कम-से-कम सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में महिलाओं की संख्या अधिक होने की जानकारी सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान मंदिर के बाहर भीड़ का दबाव बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बिजली के तार से संबंधित अफवाह फैलने के बाद श्रद्धालुओं में अचानक अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच बैरिकेड का एक हिस्सा टूट गया और लोग एक-दूसरे को धक्का देते हुए भागने लगे।

अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल

भगदड़ में कई श्रद्धालु जमीन पर गिर गए और भीड़ के नीचे दब गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को एंबुलेंस की मदद से स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किए जाने की सूचना है।

प्रशासन ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

सरकार ने मुआवजे की घोषणा की

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों का बेहतर और तत्काल इलाज कराने का निर्देश दिया। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। घायलों को भी आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच के आदेश

प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। जांच में भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग, बिजली के तार से जुड़ी अफवाह और मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि मंदिर में दर्शन व्यवस्था को नियंत्रित तरीके से संचालित किया जा रहा है, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।

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