16 जुलाई को ग्रामीणों की सूचना पर सामने आया था मामला, घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था आरोपी; त्रिकुंडा पुलिस ने 31 अगस्त को पकड़ा
बलरामपुर। जिले के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र में मवेशियों को कथित रूप से बूचड़खाने ले जाने की तैयारी किए जाने के मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान इब्राहिम सिद्दीकी पिता स्वर्गीय अयनूल सिद्दीकी, निवासी बीरेन्द्रनगर, डिंडो, थाना त्रिकुंडा, जिला बलरामपुर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने पशु संरक्षण एवं पशु क्रूरता से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक मामले में अपराध क्रमांक 54/2026 दर्ज किया गया था। प्रकरण में छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(घ) के तहत कार्रवाई की गई है।
16 जुलाई को ग्रामीणों को मिली थी सूचना
मामले की शुरुआत 16 जुलाई 2026 को हुई। पुलिस के अनुसार प्रार्थी आशुतोष कुमार गुप्ता पिता रामजी गुप्ता, उम्र 26 वर्ष, निवासी बसंतपुर, थाना बसंतपुर को सूचना मिली थी कि ग्राम बीरेन्द्रनगर में क्रेशर के पास बड़ी संख्या में गाय, बैल और बछिया को रस्सियों से बांधकर रखा गया है और उन्हें बूचड़खाने ले जाने की तैयारी की जा रही है।
सूचना मिलने के बाद प्रार्थी अन्य ग्रामीणों के साथ बताए गए स्थान पर पहुंचा। वहां कथित तौर पर बड़ी संख्या में मवेशी रस्सियों से बंधे मिले। पुलिस के मुताबिक मौके पर करीब 30 नग गाय, बैल और बछिया मौजूद थे।
ग्रामीणों को देखकर भागने लगे लोग
पुलिस के अनुसार जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो वहां तीन लोग मौजूद थे। ग्रामीणों को देखते ही तीनों वहां से भागने लगे। ग्रामीणों ने पीछा कर एक व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम इब्राहिम उर्फ डाबर और खुद को ग्राम बीरेन्द्रनगर का निवासी बताया। हालांकि, पुलिस के मुताबिक वह बाद में ग्रामीणों को चकमा देकर वहां से भाग निकलने में सफल हो गया।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद प्रार्थी की लिखित रिपोर्ट के आधार पर चौकी डिंडो में अपराध क्रमांक 54/2026 दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की गई।
घटना के बाद से लगातार फरार था आरोपी
पुलिस का कहना है कि अपराध दर्ज होने के बाद से आरोपी इब्राहिम सिद्दीकी अपने निवास स्थान से फरार चल रहा था। पुलिस टीम द्वारा उसकी तलाश लगातार की जा रही थी। संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही आरोपी के संबंध में मुखबिरों से भी जानकारी जुटाई जा रही थी।
इसी दौरान पुलिस को मुखबिर के माध्यम से आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 31 अगस्त 2026 को इब्राहिम सिद्दीकी को पकड़ लिया।
पूछताछ के बाद न्यायिक रिमांड पर भेजा
पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपी से मामले के संबंध में पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी द्वारा अपराध में संलिप्तता स्वीकार किए जाने की बात कही है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
इब्राहिम सिद्दीकी को 31 अगस्त 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अब प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई में उप निरीक्षक नवल किशोर दुबे, सहायक उप निरीक्षक रामलगन सिंह, डीएसएफ आरक्षक क्रमांक 03 नंदलाल गोस्वामी, आरक्षक क्रमांक 642 भीम कुमार तिर्की तथा आरक्षक क्रमांक 1002 शिवभजन पोर्ते की भूमिका रही।
पुलिस द्वारा मामले में पशुओं को किस उद्देश्य से एकत्र कर बांधा गया था और उन्हें कहां ले जाने की तैयारी थी, इसे लेकर विवेचना के दौरान उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

