ग्रामसभा के फैसले पर एकजुट हुए ग्रामीण, शराब बेचने और सेवन करने वालों पर लगेगा अर्थदंड
लखनपुर (सरगुजा)। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत केवरी ने नशे के खिलाफ एक बड़ा सामाजिक कदम उठाया है। गांव के लोगों ने सामूहिक सहमति से 1 सितंबर से पंचायत क्षेत्र में पूर्ण शराबबंदी लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत गांव में शराब की बिक्री, खरीद और सेवन करने वालों पर अर्थदंड लगाने का प्रावधान किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से शराब के कारण गांव में पारिवारिक विवाद, आर्थिक समस्याएं और सामाजिक तनाव जैसी स्थितियां पैदा हो रही थीं। कई परिवारों की आय का बड़ा हिस्सा नशे में खर्च हो रहा था, जिससे बच्चों की शिक्षा और घर की जरूरतें प्रभावित हो रही थीं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए ग्रामीणों ने शराबबंदी का संकल्प लिया।
रैली निकालकर दिया नशामुक्ति का संदेश
शराबबंदी के निर्णय को सफल बनाने के लिए गांव में व्यापक जनजागरण अभियान भी शुरू किया गया है। ग्रामीणों ने जागरूकता रैली निकालकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताया और शराब से दूर रहने की अपील की। रैली में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
ग्रामीणों ने कहा कि केवल नियम बना देने से शराबबंदी सफल नहीं होगी, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है। इसी उद्देश्य से घर-घर संपर्क कर लोगों को नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
सामाजिक सुधार की दिशा में पहल
गांव के लोगों का मानना है कि शराबबंदी से न केवल सामाजिक माहौल बेहतर होगा बल्कि परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा। उनका कहना है कि यदि शराब पर खर्च होने वाली राशि बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक कार्यों में लगाई जाए तो परिवारों का भविष्य अधिक सुरक्षित और बेहतर बन सकता है।
युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर
अभियान में युवाओं की भूमिका को भी अहम माना जा रहा है। ग्रामीण चाहते हैं कि नई पीढ़ी नशे की लत से दूर रहकर शिक्षा, रोजगार, खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में आगे बढ़े। इसके लिए युवाओं को जागरूक करने और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
गांव को स्थायी रूप से नशामुक्त बनाने का लक्ष्य
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल कुछ दिनों की पहल नहीं, बल्कि गांव में स्थायी सामाजिक बदलाव लाने का प्रयास है। पंचायत क्षेत्र में शराब की बिक्री और सेवन पर निगरानी रखने के लिए सामुदायिक सहयोग की व्यवस्था भी बनाई जा रही है।
केवरी पंचायत का यह निर्णय क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सामूहिक प्रयास और जनसहयोग से गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा तथा आने वाली पीढ़ियों को बेहतर सामाजिक वातावरण मिलेगा।
