साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में विभागीय योजनाओं की समीक्षा, सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश
अंबिकापुर, 07 सितंबर 2026। कलेक्टर अजीत वसंत ने सोमवार को जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के साथ ही कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने पूर्व में किए गए निरीक्षणों के दौरान अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों में समय-सीमा निर्धारित की गई है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
2 अक्टूबर तक पात्र बच्चों के जाति प्रमाणपत्र बनाने के निर्देश
कलेक्टर ने जिले में जाति प्रमाणपत्र निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी अनुविभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन बच्चों के आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं, उनके जाति प्रमाणपत्र 2 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से तैयार किए जाएं।
जिन बच्चों के दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उनके मामलों में आगामी 2 अक्टूबर को आयोजित ग्राम सभा के दौरान आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि पात्र हितग्राहियों को प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर समन्वय के साथ काम किया जाए।
बैठक में जन्म प्रमाणपत्र निर्माण, डीएमएफ से संबंधित वसूली एवं निर्माण कार्य, मुआवजा प्रकरण, अतिक्रमण सहित विभिन्न विषयों की भी समीक्षा की गई।
सेवा संकल्प अभियान को लेकर विभागों को जिम्मेदारी
बैठक में कलेक्टर ने आगामी सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। अभियान के दौरान जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने, विकसित भारत 2047 के सामूहिक संकल्प, केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
कलेक्टर ने सभी विभागों को अपने-अपने विभाग से जुड़ी गतिविधियों की कार्ययोजना तैयार कर आपसी समन्वय के साथ प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए और इसमें आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी नियमित समीक्षा करें और लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल शिकायत बंद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता को संतुष्टिपूर्ण समाधान उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने कहा गया कि किसी भी प्रकरण में अनावश्यक देरी न हो और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी की जाए।
कलेक्टर ने विभागों को सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण का प्रतिशत 80 प्रतिशत से अधिक रखने के निर्देश दिए। विशेष रूप से पंचायत, नगरीय प्रशासन और राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों के निराकरण की स्थिति में सुधार लाने पर जोर दिया गया।
जनदर्शन और जनशिकायतों की भी हुई समीक्षा
बैठक में कलेक्टर जनदर्शन, जन चौपाल, जन शिकायत और पीजी पोर्टल से प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागरिकों से प्राप्त शिकायतों और आवेदनों का समय पर परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। इसलिए सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रकरणों की नियमित निगरानी करते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाएं।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री रोमा श्रीवास्तव, अपर कलेक्टर सुनील नायक एवं राम सिंह ठाकुर, नगर निगम आयुक्त विनय अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
