बीए प्रथम वर्ष की छात्रा घर के बाथरूम में फांसी के फंदे पर मिली; परिजनों की शिकायत पर गांधीनगर पुलिस की जांच शुरू, गिरफ्तारी की मांग को लेकर रात 11 बजे ABVP ने घेरा थाना
अंबिकापुर। शहर में बीए प्रथम वर्ष की एक छात्रा की आत्महत्या के बाद मामला गरमा गया है। छात्रा घर के बाथरूम में फांसी के फंदे पर मिली। घटना के बाद परिजनों ने एनएसयूआई छात्र नेता ज्ञान तिवारी पर छात्रा को कथित रूप से प्रताड़ित करने और ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की शिकायत गांधीनगर थाना पुलिस से की गई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि छात्रा बाथरूम में गई थी। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजनों ने दरवाजा खोला तो वह फांसी के फंदे पर मिली। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

परिजनों ने लगाए प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के आरोप
छात्रा की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि वह पिछले कुछ समय से परेशान थी। हालांकि, छात्रा ने अपनी परेशानी के संबंध में परिवार के किसी सदस्य को पहले कोई जानकारी नहीं दी थी। परिजनों के मुताबिक, छात्रा के कुछ दोस्तों से सामने आई कथित जानकारी के बाद उन्हें प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग की आशंका हुई।
परिजनों ने अपनी शिकायत में एनएसयूआई छात्र नेता ज्ञान तिवारी पर छात्रा को कथित तौर पर परेशान करने और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। पुलिस अब घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ करने के साथ ही उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
दोस्तों से मिली जानकारी से बढ़े सवाल
छात्रा की मौत के बाद उसके कुछ दोस्तों से कथित तौर पर ऐसी जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है, जिससे उसके लंबे समय से परेशान होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि छात्रा किन परिस्थितियों से गुजर रही थी और क्या आत्महत्या से पहले उस पर किसी तरह का दबाव था।
गिरफ्तारी की मांग को लेकर ABVP ने घेरा थाना
मामले में आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार रात करीब 11 बजे गांधीनगर थाना पहुंचकर घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करते हुए आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
ABVP कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रा की मौत से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि जांच में आरोपी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ बिना देरी के कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
सिंहदेव ने भी की निष्पक्ष जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और जांच तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर की जानी चाहिए।
फिलहाल गांधीनगर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। छात्रा के परिजनों और ABVP की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा की आत्महत्या के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
