घर के बाथरूम में फांसी के फंदे पर मिली बीए प्रथम वर्ष की छात्रा, परिजनों की शिकायत पर गांधीनगर पुलिस ने शुरू की जांच; टीएस सिंहदेव ने निष्पक्ष जांच की मांग की

अंबिकापुर। शहर में बीए प्रथम वर्ष में अध्ययनरत एक छात्रा द्वारा घर के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं, मृतका के परिजनों ने एनएसयूआई छात्र नेता ज्ञान तिवारी पर छात्रा को कथित रूप से प्रताड़ित करने और ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

परिजनों के मुताबिक, छात्रा पिछले कुछ समय से कथित तौर पर परेशान थी। हालांकि, उसने परिवार के किसी सदस्य से अपनी परेशानी के संबंध में कोई जानकारी साझा नहीं की थी। छात्रा की मौत के बाद उसके कुछ दोस्तों से सामने आई कथित जानकारी के आधार पर परिजनों ने प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग की आशंका जताई है।

बाथरूम में फांसी के फंदे पर मिली छात्रा

बताया गया कि छात्रा घर के बाथरूम में गई थी। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजनों ने दरवाजा खोला तो वह फांसी के फंदे पर मिली। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

परिजनों की शिकायत पर पुलिस जांच शुरू

घटना के बाद परिजनों ने गांधीनगर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में छात्र नेता ज्ञान तिवारी पर छात्रा को कथित रूप से परेशान करने और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ करने के साथ ही उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है।

दोस्तों से सामने आई कथित जानकारी

छात्रा की मौत के बाद उसके कुछ दोस्तों से कथित तौर पर ऐसी जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है, जिससे उसके लंबे समय से परेशान होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि छात्रा किन परिस्थितियों से गुजर रही थी और क्या आत्महत्या से पहले उस पर किसी तरह का दबाव था।

निष्पक्ष जांच की मांग

मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और जांच तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष तरीके से की जानी चाहिए।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। परिजनों द्वारा लगाए गए प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा की आत्महत्या के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

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