पूर्व मुख्यमंत्री बोले—दोषियों को सजा मिली, लेकिन पीड़ित परिवारों को अब भी नहीं मिला अपेक्षित न्याय; पीएम आवास के आंकड़ों पर भी सरकार को घेरा
अंबिकापुर। झीरम घाटी मामले में विशेष एनआईए अदालत के फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जांच की दिशा और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। अंबिकापुर पहुंचे बघेल ने कहा कि अदालत का फैसला अपने स्थान पर है, लेकिन उनके अनुसार झीरम घाटी के पीड़ित परिवार जिस व्यापक न्याय की उम्मीद कर रहे थे, वह अभी बाकी है।
बघेल कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान में शामिल होने अंबिकापुर पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने झीरम घाटी मामले के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा।

जांच के दायरे को लेकर सवाल
झीरम घाटी मामले में अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने NIA की जांच पर कई सवाल उठाए। उनका आरोप है कि जांच का दायरा उन लोगों तक नहीं पहुंचा, जिन्हें वे इस हमले की कथित बड़ी साजिश से जोड़ते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण लोगों से पर्याप्त पूछताछ नहीं हुई और कई चश्मदीदों के बयान भी दर्ज नहीं किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एफआईआर में दर्ज कुछ नाम बाद की प्रक्रिया में हटा दिए गए।
बघेल का कहना है कि झीरम घाटी हमले में बड़ी संख्या में नक्सली शामिल थे, लेकिन अदालत के सामने जिन आरोपियों को दोषी ठहराया गया, उनकी भूमिका उनके मुताबिक सीमित स्तर की थी। उन्होंने कथित मुख्य साजिशकर्ताओं तक जांच नहीं पहुंचने का सवाल उठाते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को घटना के पीछे की पूरी सच्चाई जानने का अधिकार है।
हालांकि, NIA जांच और अदालत की कार्यवाही को लेकर भूपेश बघेल द्वारा लगाए गए ये आरोप और सवाल उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। इन दावों की पुष्टि के लिए संबंधित जांच रिकॉर्ड और न्यायालय के आदेश को अलग से देखा जाना आवश्यक है।
संगठन सृजन अभियान में पहुंचे बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इन दिनों कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और सरकार की योजनाओं को लेकर भी अपनी बात रखी।
पीएम आवास के आंकड़ों पर भी सवाल
अंबिकापुर में बघेल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों को लेकर भी राज्य सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने सरकार के आवास संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए वास्तविक स्वीकृति, निर्माण और लाभार्थियों से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करने की बात कही।
पीएम आवास को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी पहले भी सामने आती रही है। रायपुर प्रेस क्लब में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ हुई बहस के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।
झीरम घाटी जैसा संवेदनशील मामला और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े आंकड़े, दोनों ही मुद्दों पर भूपेश बघेल के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बहस तेज होने के संकेत हैं।
