पहाड़ी कोरवा परिवार का वर्षों पुराना सपना हुआ पूरा, ₹2 लाख की स्वीकृति से तैयार हुआ पक्का मकान
अम्बिकापुर, 18 सितंबर 2026। सुरक्षित और पक्के आवास की सुविधा किसी भी परिवार के लिए बेहतर जीवन की बुनियाद होती है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ग्राम पंचायत आमादरहा, जनपद पंचायत अम्बिकापुर की पहाड़ी कोरवा हितग्राही फूलेश पति बाबूलाल के परिवार को भी अब कच्चे मकान की परेशानियों से निजात मिल गई है। योजना के तहत मिले आवास ने उनके परिवार को सुरक्षित छत के साथ जीवन में नई उम्मीद दी है।

बारिश में टपकती थी छत, अब मिला पक्का घर
फूलेश का परिवार लंबे समय से मिट्टी की दीवारों और कमजोर छत वाले कच्चे मकान में रह रहा था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण परिवार को काफी परेशानी होती थी। मौसम खराब होने पर घर की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। ऐसे में पक्का मकान परिवार के लिए लंबे समय से एक सपना था।
वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत फूलेश के आवास को ₹2 लाख की लागत से स्वीकृति मिली। निर्धारित किस्तों के मिलने और जनपद पंचायत की ओर से तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध होने के बाद परिवार ने पक्के मकान का निर्माण पूरा किया।
नए घर ने बढ़ाया सुरक्षा और सम्मान का एहसास
पक्का मकान तैयार होने के बाद फूलेश और उनका परिवार अब पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस कर रहा है। घर की दीवार पर प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का लोगो भी अंकित है, जो योजना के माध्यम से उनके परिवार को मिले आवास की पहचान बन गया है।
फूलेश बताती हैं, “पहले हम कच्चे घर में बहुत तकलीफ में रहते थे। बारिश में घर के अंदर पानी टपकता था। अब सरकार की मदद से हमें पक्का मकान मिल गया है। बच्चे भी सुरक्षित रहते हैं। प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद।”
आवास के साथ बेहतर भविष्य की उम्मीद
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। फूलेश के परिवार के लिए पक्का आवास केवल चार दीवारों और छत तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बारिश और मौसम की परेशानी से सुरक्षा, रहने की बेहतर सुविधा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिला है।
फूलेश के नए घर की कहानी बताती है कि जब जरूरतमंद परिवारों तक आवास जैसी बुनियादी सुविधा पहुंचती है, तो उसका असर परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी और भविष्य की उम्मीदों पर भी दिखाई देता है।
