लॉगिन, सर्वर, नेटवर्क और GPS की दिक्कतों से ऑनलाइन हाजिरी पर सवाल; शिक्षकों ने तकनीकी खामी का खामियाजा न भुगतने की मांग की

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) ऐप की तकनीकी दिक्कतों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से ऐप में लॉगिन, सर्वर, नेटवर्क और GPS लोकेशन से जुड़ी परेशानियों की शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है।

ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य होने के बीच तकनीकी समस्या के कारण समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाना शिक्षकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। खासकर दूरस्थ और कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों में यह समस्या अधिक चुनौतीपूर्ण बताई जा रही है।

स्कूल में शिक्षक, ऐप में लोकेशन कहीं और

शिक्षकों की शिकायतों में GPS लोकेशन से जुड़ी समस्या प्रमुखता से सामने आने की बात कही जा रही है। कुछ शिक्षकों के अनुसार वे विद्यालय परिसर में मौजूद रहते हैं, लेकिन ऐप में उनकी लोकेशन स्कूल से अलग स्थान पर दिखाई देती है।

इसके अलावा लॉगिन नहीं होना, मोबाइल नंबर मिसमैच, सर्वर पर अधिक समय लगना और ऐप का लगातार लोड होते रहना जैसी तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें भी बताई जा रही हैं।

तकनीकी खामी का असर हाजिरी पर क्यों पड़े?

VSK ऐप से दर्ज होने वाली उपस्थिति विभागीय निगरानी व्यवस्था का हिस्सा है। ऐसे में तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर शिक्षकों में यह चिंता बनी हुई है कि कहीं इसका असर उनकी सेवा संबंधी रिकॉर्ड या वेतन पर न पड़े।

शिक्षक संगठनों की ओर से मांग की गई है कि ऐप, सर्वर, नेटवर्क या GPS की तकनीकी समस्या के कारण उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर शिक्षक को अनुपस्थित नहीं माना जाए। साथ ही ऐसी स्थिति में वेतन संबंधी नुकसान से भी सुरक्षा दी जाए।

तकनीकी सुधार के दावों के बाद भी शिकायतें

जुलाई 2026 में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की ओर से VSK ऐप में तकनीकी त्रुटियों और एरर संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेने की बात सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार, तकनीकी समस्या के कारण किसी शिक्षक का वेतन नहीं काटे जाने की बात भी कही गई थी।

इसके बाद अगस्त में ऐप के अपग्रेड किए जाने तथा ऑफलाइन मोड और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जैसी सुविधाएं जोड़े जाने की जानकारी सामने आई थी। इसका उद्देश्य नेटवर्क प्रभावित क्षेत्रों में ऑनलाइन उपस्थिति की दिक्कतों को कम करना बताया गया था।

ऑनलाइन व्यवस्था के साथ तकनीकी भरोसा भी जरूरी

ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था का उद्देश्य उपस्थिति की निगरानी को अधिक पारदर्शी और रियल टाइम बनाना है। लेकिन इसके लिए ऐप, सर्वर, GPS और नेटवर्क का भरोसेमंद तरीके से काम करना भी जरूरी है।

शिक्षकों का कहना है कि स्कूल में उनकी मौजूदगी वास्तविक है, लेकिन तकनीकी सिस्टम उसे दर्ज नहीं कर पा रहा है तो इसकी जिम्मेदारी शिक्षक पर नहीं डाली जानी चाहिए। अब नजर इस बात पर है कि विभाग तकनीकी शिकायतों के समाधान और ऐसी परिस्थितियों में शिक्षकों को राहत देने के लिए क्या ठोस व्यवस्था करता है।

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