12 दिन बाद भी हत्यारों का सुराग नहीं मिलने पर बढ़ी नाराजगी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की; अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई का दबाव बनाया
सूरजपुर। जिले के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र में शिक्षिका रजनी बेरठ और उनके 17 वर्षीय बेटे सुजल बेरठ की हत्या का मामला अब भी अनसुलझा है। 10 अक्टूबर को मां और बेटे के शव अलग-अलग स्थानों पर मिलने की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। घटना के 12 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्याकांड के खुलासे की जानकारी सामने नहीं आने से लोगों में चिंता और नाराजगी बढ़ रही है। मामले को लेकर अब कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सूरजपुर ग्रामीण के अध्यक्ष जफर हैदर के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों ने बिश्रामपुर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। वहीं, मंडल कांग्रेस अध्यक्ष चंदन सिंह के नेतृत्व में भी पुलिस को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान दोहरे हत्याकांड के आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन किया जाएगा।
अलग-अलग स्थानों पर मिले थे मां-बेटे के शव

जानकारी के अनुसार, ग्राम बेलटिकरी में पदस्थ शिक्षिका रजनी बेरठ और उनके 17 वर्षीय पुत्र सुजल बेरठ की मौत का मामला 10 अक्टूबर को सामने आया था। दोनों के शव अलग-अलग स्थानों पर मिलने से घटना की गंभीरता और बढ़ गई थी। घटना के बाद से ही क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोग मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।
मां-बेटे की हत्या के पीछे क्या कारण रहे और इस वारदात में कौन शामिल है, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। ऐसे में पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। हालांकि, मामले में जांच की वर्तमान स्थिति और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
कांग्रेस ने निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की उठाई मांग
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सूरजपुर ग्रामीण के अध्यक्ष जफर हैदर द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षिका और उनके बेटे की मौत से पूरा क्षेत्र दुखी और चिंतित है। इस गंभीर मामले में जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और उपलब्ध साक्ष्यों पर आधारित होनी चाहिए, ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सके और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन से घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की बारीकी से जांच करने, सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखने और मामले में वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के दौरान किसी भी महत्वपूर्ण साक्ष्य की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। साथ ही, जिस किसी की भी संलिप्तता प्रमाणित होती है, उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सूरजपुर ग्रामीण आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
इस दौरान अनुपम फिलिप, भावना सिंह, आशीष यादव, सूरजपुर नगर पालिका अध्यक्ष कुसुमलता राजवाड़े, नीरज सिंह, रूपनारायण राजवाड़े, दीप्ति स्वाईं, गीता पुरी, वीना शर्मा, रश्मि शर्मा, आकाश साहू, चंदा सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
दो दिन का अल्टीमेटम, गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

दोहरे हत्याकांड के आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंडल कांग्रेस अध्यक्ष चंदन सिंह के नेतृत्व में भी बिश्रामपुर पुलिस को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें पुलिस से मामले में तेजी लाते हुए आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की गई है।
कांग्रेस नेताओं ने पुलिस को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि निर्धारित अवधि में आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में ठोस प्रगति सामने नहीं आती है, तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। नेताओं ने चरणबद्ध उग्र प्रदर्शन की चेतावनी देकर पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की।
इस दौरान नगर पंचायत उपाध्यक्ष अंशुल गोयल, पार्षद हर्ष दनौदिया, वाहिद अहमद, विजेंद्र सिंह, लखन सोनी, क्षितिज सिंह चंदेल, आकाश सिंह, कुणाल यादव, रंजीत दुबे, नीरज सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
हत्याकांड के खुलासे का इंतजार
शिक्षिका रजनी बेरठ और उनके बेटे सुजल बेरठ की हत्या का मामला अब पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। एक ओर पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के लोग भी घटना की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। कांग्रेस के ज्ञापनों और आंदोलन की चेतावनी के बाद पुलिस पर जल्द कार्रवाई करने का दबाव बढ़ा है।
अब देखना होगा कि पुलिस निर्धारित समय के भीतर मामले में क्या प्रगति सामने लाती है और हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में कब तक सफलता मिलती है। फिलहाल, मां-बेटे की हत्या के पीछे की वजह और आरोपियों की पहचान को लेकर आधिकारिक खुलासे का इंतजार है।
