अंबिकापुर। सरगुजा संभाग की जर्जर हो चुकी नेशनल हाईवे-43 की स्थिति अब सियासी नाराजगी का कारण भी बन गई है। बुधवार शाम भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय को इसी बदहाल सड़क का सामना करना पड़ा। सीतापुर शहर के बीच उनकी इनोवा कार सड़क के एक गहरे गड्ढे में फंस गई। गाड़ी को बाहर निकालने में करीब दो घंटे लग गए। इस घटना के बाद सड़क की स्थिति को लेकर भाजपा संगठन में भी नाराजगी सामने आई और संबंधित अधिकारियों तथा जिम्मेदार नेताओं से जवाब-तलब किया गया।
जानकारी के मुताबिक पवन साय बुधवार को जशपुर से सूरजपुर और कोरिया में आयोजित बैठकों में शामिल होने अंबिकापुर आ रहे थे। सीतापुर के पास उनकी गाड़ी अचानक सड़क के गड्ढे में फंस गई। काफी प्रयास के बाद भी जब वाहन नहीं निकल सका तो मैकेनिक की मदद लेनी पड़ी। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद वाहन को बाहर निकाला जा सका। इस दौरान पवन साय को सीतापुर रेस्ट हाउस में भी रुकना पड़ा। इसके बाद वे रात करीब साढ़े नौ बजे अंबिकापुर पहुंचे।
सड़क की हालत देखकर जताई नाराजगी

अंबिकापुर पहुंचने के बाद पवन साय ने NH-43 की बदहाली को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि उन्होंने प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी और संबंधित अधिकारियों से फोन पर सड़क की स्थिति को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सड़क की हालत इतनी खराब है तो जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि नियमित निरीक्षण क्यों नहीं कर रहे हैं।
अगली सुबह पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया सहित स्थानीय भाजपा नेताओं ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान भी सड़कों की बदहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठा। पवन साय ने नाराजगी जताते हुए यहां तक कहा कि यदि नेता और जिम्मेदार लोग खुद को सड़कों का ठेकेदार समझने लगे हैं तो उन्हें श्रमदान कर गड्ढे भरने चाहिए।
फटकार के बाद सड़क पर उतरी मशीनरी

मामले के तूल पकड़ने के बाद NH-43 की मरम्मत का काम तेज कर दिया गया। अंबिकापुर में भारत माता चौक से दरिमा रोड मोड़ तक सड़क के बड़े गड्ढों में बोल्डर और गिट्टी डालने का काम शुरू किया गया। सीतापुर क्षेत्र में भी क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त करने की कवायद तेज हुई।
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि NH-43 की समस्या केवल कुछ गड्ढों तक सीमित नहीं है। खरसिया नाका से दरिमा रोड तक कई हिस्सों में सड़क बुरी तरह उखड़ चुकी है। सीतापुर क्षेत्र में भी जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं। पीजी कॉलेज से सिलफिली तक का मार्ग भी लंबे समय से खराब स्थिति में बताया जा रहा है।
आम लोगों की परेशानी बनी सबसे बड़ी चिंता
बारिश के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों के लिए सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत केवल अस्थायी तौर पर गड्ढे भरने तक सीमित न रहे, बल्कि NH-43 के जर्जर हिस्सों का स्थायी समाधान किया जाए।
पवन साय की गाड़ी फंसने की घटना ने एक बार फिर उस समस्या को सामने ला दिया है, जिसका सामना आम वाहन चालक लंबे समय से कर रहे हैं। अब देखना होगा कि शुरू हुआ मरम्मत कार्य कितनी दूर तक पहुंचता है और खस्ताहाल NH-43 को स्थायी राहत कब मिलती है।

