अंबिकापुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से आयोजित होने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) और संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा की पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तिथि एक ही दिन पड़ने से अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ गई है। दोनों परीक्षाएं 6 सितंबर 2026 को होने की जानकारी के बाद ऐसे छात्र-छात्राओं के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है, जिन्होंने दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन किया है।
छात्रों का कहना है कि CTET और पीएचडी प्रवेश परीक्षा दोनों ही उनके करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। एक ही दिन परीक्षा होने के कारण उन्हें किसी एक परीक्षा का चयन करना पड़ सकता है, जिससे दूसरी परीक्षा में शामिल होने का अवसर गंवाना पड़ेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन से तिथि बदलने की मांग
छात्रों की समस्या को लेकर युवा कांग्रेस आरटीआई सेल छत्तीसगढ़ के चेयरमैन हिमांशु जायसवाल ने संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय प्रशासन से चर्चा कर पीएचडी प्रवेश परीक्षा की निर्धारित तिथि में बदलाव की मांग की है।
हिमांशु जायसवाल का कहना है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए CTET के साथ विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए भी आवेदन किया है। ऐसे में दोनों परीक्षाओं का एक ही दिन होना विद्यार्थियों के हित में नहीं है।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि छात्रहित को ध्यान में रखते हुए पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तारीख में बदलाव किया जाए और नई तिथि की घोषणा जल्द की जाए। उनका कहना है कि तिथि में बदलाव होने से अभ्यर्थी बिना किसी परेशानी के दोनों परीक्षाओं में शामिल हो सकेंगे।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
हिमांशु जायसवाल ने कहा कि विद्यार्थियों की इस समस्या के समाधान के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से लगातार बातचीत की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय छात्रहित में जल्द सकारात्मक निर्णय लेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो विद्यार्थियों के हित में आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
फिलहाल अभ्यर्थियों की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्णय पर है। छात्रों को उम्मीद है कि दोनों परीक्षाओं की तिथियों में टकराव को देखते हुए जल्द कोई वैकल्पिक व्यवस्था या संशोधित परीक्षा तिथि जारी की जाएगी।
