जशपुर। ग्राम पंचायत जशपुर में नई पंचायत के गठन और नए सरपंच के पदभार संभालने के एक साल से अधिक समय गुजर चुका है, लेकिन PDS निगरानी समिति के गठन को लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पंचायत भवन में निगरानी समिति की पुरानी सूची तो नजर आ रही है, लेकिन वर्तमान कार्यकाल की समिति को लेकर ग्रामीणों के पास कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। यही स्थिति अब पंचायत और खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।
गरीबों के राशन की निगरानी कौन करेगा?
सार्वजनिक वितरण प्रणाली सीधे गरीब और जरूरतमंद परिवारों के खाद्य अधिकार से जुड़ी है। राशन दुकान से हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में अनाज मिल रहा है या नहीं, स्टॉक और वितरण का रिकॉर्ड सही है या नहीं तथा किसी तरह की अनियमितता तो नहीं हो रही—इन तमाम पहलुओं की स्थानीय स्तर पर निगरानी बेहद जरूरी है।
ग्रामीणों का सवाल है कि यदि नई पंचायत के कार्यकाल में निगरानी समिति का गठन नहीं हुआ, तो राशन वितरण व्यवस्था की निगरानी आखिर कौन कर रहा है? शिकायत आने पर उसकी जांच और समाधान की जिम्मेदारी किसकी है?
पुरानी सूची ने बढ़ाई उलझन
पंचायत भवन में लगी पुरानी समिति की सूची को लेकर भी ग्रामीणों में असमंजस है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुरानी समिति अब प्रभावी नहीं है तो उसकी सूची हटाकर वर्तमान व्यवस्था स्पष्ट की जानी चाहिए। वहीं यदि नई समिति का गठन लंबित है तो संबंधित विभाग को नियमानुसार प्रक्रिया जल्द पूरी करनी चाहिए।
ग्रामीणों ने मांग की है कि समिति के गठन के बाद सदस्यों की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए तथा बैठकों और निगरानी से जुड़ी जानकारी भी पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराई जाए।
कागजों से निकलकर जमीन पर दिखे पारदर्शिता
PDS व्यवस्था में निगरानी और सामाजिक अंकेक्षण का मकसद यही है कि राशन वितरण में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में जवाबदेही तय हो सके।
ऐसे में एक साल से अधिक समय बाद भी समिति के गठन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया का सवाल नहीं है, बल्कि सैकड़ों गरीब हितग्राहियों के राशन अधिकार और स्थानीय जवाबदेही से जुड़ा विषय है।
ग्रामीणों ने पंचायत और खाद्य विभाग से मामले की स्थिति स्पष्ट करने, आवश्यकतानुसार नई निगरानी समिति का गठन करने और पूरी व्यवस्था को सार्वजनिक करने की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यही है—जब राशन व्यवस्था की निगरानी के लिए समिति का प्रावधान है, तो उसके गठन और संचालन की जिम्मेदारी निभाने वाला कौन है?
