मत्स्य पालन से ग्रामीण परिवारों की बढ़ेगी आय, रोजगार के अवसर भी होंगे सृजित : मंत्री राजेश अग्रवाल
लखनपुर | अंबिकापुर, 22 अगस्त 2026। आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और मत्स्य पालन को लाभकारी आजीविका के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से मत्स्य बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान 202 तालाबों के लिए 202 हितग्राहियों को करीब 3.50 लाख मत्स्य बीज वितरित किए गए। यह पहल वीबी जी राम जी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और मत्स्य विभाग के अभिसरण से संचालित की जा रही है। इसके जरिए गांवों में उपलब्ध जल संसाधनों का उपयोग कर ग्रामीण परिवारों को मत्स्य पालन से जोड़ने और उनकी आय में अतिरिक्त वृद्धि का अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, जनपद पंचायत अध्यक्ष शशिकला सिंह, उपाध्यक्ष कामेश्वर राजवाड़े, मत्स्य विभाग के डीपीटी डायरेक्टर सतीश अहिरवार, एबीपी फेलो शुभिता शुक्ला, पीओ मनरेगा देव सिंह पैंकरा सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, मंडल अध्यक्ष, ग्राम पंचायतों के सरपंच और संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के तहत पहल
यह परियोजना नीति आयोग के आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित ‘आय संवर्धन मत्स्य पालन परियोजना, लखनपुर’ का हिस्सा है। परियोजना के तहत हितग्राहियों को मत्स्य पालन से संबंधित आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि मछली उत्पादन बढ़ाने के साथ इसे ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी और लाभकारी आजीविका बनाया जा सके।
कलेक्टर अजीत वसंत और जिला पंचायत सीईओ रोमा श्रीवास्तव के मार्गदर्शन तथा जनपद पंचायत सीईओ खुशबू शास्त्री के नेतृत्व में कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
मत्स्य पालन आत्मनिर्भरता का माध्यम : राजेश अग्रवाल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आय और रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। क्षेत्र में उपलब्ध तालाबों और अन्य जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए अधिक से अधिक ग्रामीणों को इस गतिविधि से जोड़ने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल मछली उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि मत्स्य पालन से जुड़े परिवारों की आय में वृद्धि और उनके जीवन स्तर में सुधार करना भी है। ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को इस क्षेत्र से जोड़कर रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
मंत्री ने हितग्राहियों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, आवश्यक संसाधन और बाजार से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभागों के समन्वित प्रयासों से मत्स्य पालन को टिकाऊ और लाभकारी आजीविका के रूप में विकसित किया जा सकता है।
खेती के साथ मत्स्य पालन से बढ़ेगी अतिरिक्त आय : प्रबोध मिंज

लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि आकांक्षी विकासखंड लखनपुर में विभिन्न योजनाओं का बेहतर समन्वय कर ग्रामीणों को विकास के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से खेती के साथ मत्स्य पालन और पशुपालन जैसी गतिविधियों को अपनाने की अपील की।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत 202 हितग्राहियों को लगभग 3.50 लाख मत्स्य बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने हितग्राहियों से मत्स्य बीज का उचित प्रबंधन करते हुए इसे आय का अतिरिक्त स्रोत बनाने का आग्रह किया।
विभागों के अभिसरण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वीबी जी राम जी, एनआरएलएम और मत्स्य विभाग के आपसी अभिसरण से संचालित यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में उपयोगी साबित हो सकती है। तालाबों का बेहतर उपयोग होने के साथ ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त आय और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम में हितग्राहियों को मत्स्य पालन की संभावनाओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। प्रशासन का लक्ष्य है कि परियोजना के माध्यम से लखनपुर क्षेत्र में मत्स्य पालन को संगठित गतिविधि के रूप में बढ़ावा देकर अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को इससे जोड़ा जाए।

