अंबिकापुर। सरगुजा जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम राता में चार दिन की नवजात बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। नवजात झाड़ियों के बीच पत्थरों के नीचे मिली थी। ग्रामीणों की सूचना पर उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना को लेकर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम राता निवासी राम बाई ने चार दिन पहले बरगीडीह स्थित अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। 15 अगस्त को राम बाई की बहन का बेटा पंकज उसे मोटरसाइकिल से उसके ससुराल राता छोड़ने जा रहा था। उस समय नवजात बच्ची भी महिला की गोद में थी।
बताया जा रहा है कि राता पहुंचने से पहले महिला मोटरसाइकिल से उतरकर बच्ची को लेकर सड़क किनारे झाड़ियों की तरफ चली गई। पंकज ने कुछ देर इंतजार करने के बाद उसकी तलाश की, लेकिन महिला वहां नहीं मिली। कुछ समय बाद वह वापस मोटरसाइकिल के पास पहुंची, मगर बच्ची उसके साथ नहीं थी।
पंकज द्वारा बच्ची के बारे में पूछे जाने पर उसे कथित तौर पर स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। इसके बाद आसपास के क्षेत्र में नवजात की तलाश की गई, लेकिन तत्काल उसका पता नहीं चला। बाद में महिला को उसके ससुराल पहुंचाया गया। घटना को लेकर परिवार और ग्रामीण स्तर पर भी चर्चा हुई।
इसी दौरान झाड़ियों के आसपास मवेशी चरा रहे ग्रामीणों की नजर पत्थरों के नीचे पड़ी नवजात पर गई। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना सरपंच और पुलिस को दी। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार बच्ची उस समय जीवित थी। उसे बिना देरी किए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
नवजात को झाड़ियों के बीच पत्थरों के नीचे किन परिस्थितियों में छोड़ा गया और उसकी मौत कैसे हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। महिला के झाड़ियों की ओर जाने के पीछे क्या कारण था, बच्ची वहां कैसे पहुंची और घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं—इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस ने घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। नवजात की मौत के वास्तविक कारण और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
