अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ मार्ग की बदहाली पर जताया आक्रोश, बोले- जब जिम्मेदार बेफिक्र हैं तो जनता भी अब अनोखे अंदाज में करेगी विरोध
अंबिकापुर। बारिश के मौसम में अंबिकापुर शहर और आसपास की सड़कों की बदहाल तस्वीर एक बार फिर लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी और कीचड़ भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर रविवार शाम सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया।
रावत रेसिडेंसी कॉलोनी के सामने जर्जर सड़क पर पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सड़क के गड्ढे में जमा कीचड़ और पानी के बीच प्रसिद्ध सरगुजिहा लोकगीत ‘हाय रे सरगुजा नाचे’ पर जमकर डांस किया। प्रदर्शन का यह अंदाज राहगीरों के बीच चर्चा का विषय बन गया। कार्यकर्ताओं ने तंज कसते हुए कहा कि जब जिम्मेदार लोग और नेता जनता की परेशानी से बेफिक्र होकर अपने कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, तो वे भी जर्जर सड़कों के बीच परेशान होने के बजाय इसी अंदाज में अपनी बात सरकार तक पहुंचाएंगे।
बारिश ने बढ़ाई परेशानी
अंबिकापुर शहर की कई प्रमुख सड़कों की स्थिति बारिश के बाद और खराब हो गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग, स्टेट हाईवे और शहर के अंदरूनी मार्गों पर जगह-जगह बड़े गड्ढे नजर आ रहे हैं। लगातार वाहनों की आवाजाही और बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी और कीचड़ जमा हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति सबसे अधिक जोखिम भरी बनी हुई है। वहीं, पैदल चलने वाले लोगों को भी कीचड़ और पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ मार्ग शहर के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। इस सड़क से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद कई स्थानों पर सड़क की हालत लंबे समय से खराब बनी हुई है। भारत माता चौक से दरिमा मोड़ की ओर जाने वाले हिस्से में भी कई जगह सड़क पर गड्ढों के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
पहले गड्ढे में किया था स्नान

सड़क की बदहाली को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इससे पहले भी अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया था। करीब एक सप्ताह पूर्व कार्यकर्ताओं ने इसी मार्ग के गड्ढों में जमा कीचड़युक्त पानी में स्नान कर जिम्मेदार विभाग का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया था। इसके बाद संबंधित मार्ग के कुछ हिस्सों में बोल्डर डालकर अस्थायी मरम्मत कराई गई, लेकिन कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
रविवार को हुए प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता सुजान बिंद, राजेंद्र बहादुर सिंह, अंकुर सिन्हा, संजय ठाकुर सहित अन्य लोग शामिल रहे।
‘नेताओं के लिए सब ठीक, जनता के लिए गड्ढे’
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी शहर के विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सड़कों की हालत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। उनका कहना था कि शहर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में नेताओं का सम्मान और विकास की बातें तो खूब होती हैं, लेकिन आम लोगों को रोजाना जिन समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है, उन पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि सड़क पर बने गड्ढे केवल असुविधा नहीं बल्कि दुर्घटना का कारण भी बन सकते हैं। खासकर बारिश के दौरान पानी से भरे गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लगने से दोपहिया वाहन चालकों के साथ हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
फोरलेन निर्माण की बात, बारिश के बाद शुरू होने का दावा

अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ मार्ग को लेकर जनप्रतिनिधियों की ओर से सड़क निर्माण और फोरलेन परियोजना की बात कही जाती रही है। बताया गया है कि गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक फोरलेन सड़क निर्माण की योजना है। वहीं, जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत हो चुका है और बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
हालांकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक स्थायी निर्माण शुरू नहीं होता, तब तक गड्ढों की समुचित मरम्मत कर सड़क को सुरक्षित बनाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि विकास कार्य भविष्य में होने की बात अपनी जगह है, लेकिन वर्तमान में सड़क पर चल रही जनता की परेशानी का समाधान तत्काल जरूरी है।
रविवार को लोकगीत की धुन पर कीचड़ में किया गया यह प्रदर्शन भले ही हास्य और व्यंग्य से भरा नजर आया, लेकिन इसके पीछे सामाजिक कार्यकर्ताओं का संदेश स्पष्ट था—सड़कें दुरुस्त हों और आम लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिले।
