28 ग्राम पंचायतों की 35 आजीविका डबरी और 2 नवा तरिया में मछली बीज का संचयन, ग्रामीण परिवारों को मिलेगा अतिरिक्त आय का अवसर
अम्बिकापुर, 18 अगस्त। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड अम्बिकापुर में वीबी-जी राम जी योजना के तहत निर्मित आजीविका डबरियों और नवा तरिया में मत्स्य पालन को प्रोत्साहित किया गया है।
कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में मत्स्य विभाग ने शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र, दरिमा में फिंगरलिंग मछली बीज वितरण एवं संचयन कार्यक्रम आयोजित किया। इसके तहत 28 ग्राम पंचायतों में निर्मित 35 आजीविका डबरी और 2 नवा तरिया के हितग्राहियों को 50 प्रतिशत अनुदान पर मछली बीज उपलब्ध कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान 45 गांवों से जुड़े 50 हितग्राहियों को लगभग 1 लाख फिंगरलिंग मछली बीज वितरित किए गए। हितग्राहियों द्वारा इन बीजों का अपनी आजीविका डबरियों एवं नवा तरिया में संचयन किया जाएगा। इससे आने वाले समय में मत्स्य उत्पादन के जरिए ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय प्राप्त होने की उम्मीद है।
जल संरचनाएं बनेंगी आय का साधन
आजीविका डबरी और नवा तरिया का उपयोग अब केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं रहेगा। जिला प्रशासन द्वारा इन जल संरचनाओं को स्थानीय स्तर पर आय सृजन से जोड़ने की पहल की जा रही है। मत्स्य पालन शुरू होने से ग्रामीण परिवारों को अपने गांव में ही आर्थिक गतिविधि का अवसर मिलेगा और उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

विभागीय अभिसरण से ग्रामीणों को लाभ
जिला प्रशासन विभिन्न विभागों की योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित परिसंपत्तियों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ रहा है। जल संरचनाओं के निर्माण के साथ मत्स्य विभाग की योजनाओं का लाभ मिलने से ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय संवर्धन के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
हितग्राहियों को तकनीकी प्रशिक्षण
मत्स्य विभाग द्वारा हितग्राहियों को मछली बीज संचयन, मछलियों की देखभाल, पालन-पोषण और उत्पादन से संबंधित तकनीकी जानकारी भी दी जा रही है। विभाग का प्रयास है कि हितग्राही वैज्ञानिक एवं बेहतर मत्स्य पालन पद्धतियों को अपनाकर उपलब्ध जल संरचनाओं से अधिकतम उत्पादन प्राप्त कर सकें।
लगभग 1 लाख फिंगरलिंग के संचयन से आजीविका डबरियों एवं नवा तरिया में मत्स्य पालन को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिलेगा। जिला प्रशासन की इस पहल से 45 गांवों के 50 हितग्राही सीधे लाभान्वित होंगे तथा भविष्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ने के साथ ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि के अवसर भी सृजित होंगे।

