मुख्य न्यायमूर्ति जस्टिस रमेश सिन्हा ने किया शिलान्यास, न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

अम्बिकापुर, 18 अगस्त। सरगुजा जिले में न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। अम्बिकापुर में प्रस्तावित नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन के निर्माण के लिए न्यायालय परिसर में वर्चुअल भूमि पूजन एवं शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति जस्टिस रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से नवीन न्यायालय भवन का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं सरगुजा जिले के पोर्टफोलियो जज जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू तथा सूरजपुर जिले के पोर्टफोलियो जज जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल भी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
आम लोगों को त्वरित न्याय दिलाना प्राथमिकता
मुख्य न्यायमूर्ति जस्टिस रमेश सिन्हा ने कहा कि न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारी नए न्यायालय भवन को अपने घर की तरह समझें और उसकी स्वच्छता एवं रखरखाव का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि न्यायालय का मूल उद्देश्य आमजन को त्वरित एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है और इसी भावना के साथ न्यायिक व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जब वे पहली बार अम्बिकापुर आए थे, तभी जिला न्यायालय भवन की स्थिति देखकर नवीन भवन के निर्माण का संकल्प लिया था।
अधिवक्ताओं की लंबे समय से चली आ रही मांग होगी पूरी
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह राजपूत ने मुख्य न्यायमूर्ति जस्टिस रमेश सिन्हा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके विशेष प्रयास और रुचि के कारण सरगुजा में नए जिला न्यायालय भवन के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
समारोह के दौरान मुख्य न्यायमूर्ति ने नवीन न्यायालय भवन के शिलालेख का वर्चुअल अनावरण किया। इसके बाद विधि-विधान से भूमि पूजन संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा, कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल सहित जिला न्यायालय के न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं न्यायिक कर्मचारी उपस्थित रहे।
नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन के निर्माण से सरगुजा के अधिवक्ताओं की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की उम्मीद है। साथ ही आधुनिक न्यायालय भवन उपलब्ध होने से न्यायिक कार्यों के संचालन और पक्षकारों को मिलने वाली सुविधाओं में भी सुधार होगा। इसे सरगुजा जिले की न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
