अंबिकापुर, 27 अगस्त 2026। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से सरगुजा जिले में ‘सार्वभौमिक स्वास्थ्य परीक्षण एवं डिजिटल हेल्थ प्रोफाइलिंग अभियान’ चलाया जा रहा है। कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत चिन्हित पीवीटीजी परिवारों के प्रत्येक सदस्य का घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। साथ ही डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार कर जरूरत के अनुसार उपचार, रेफरल और नियमित फॉलोअप की व्यवस्था की जा रही है।
अभियान के तहत पीवीटीजी समुदाय के पात्र लोगों का शत-प्रतिशत स्वास्थ्य परीक्षण और डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य प्रोफाइल को आभा आईडी और आयुष्मान भारत कार्ड से जोड़ने के साथ सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय परिस्थितियों से संबंधित आवश्यक जानकारी भी जुटाई जा रही है।
199 बसाहटों के 20,108 लोगों का लक्ष्य
सरगुजा जिले के अंबिकापुर, बतौली, लखनपुर, लुंड्रा, मैनपाट, सीतापुर और उदयपुर विकासखंडों की कुल 199 बसाहटों को अभियान के लिए चिन्हित किया गया है। यहां कुल 20,108 लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण का लक्ष्य निर्धारित है।
अब तक 1,715 लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी हो चुकी है, जो लक्षित आबादी का 8.53 प्रतिशत है। ब्लॉकवार आंकड़ों में उदयपुर में 24.95 प्रतिशत, लखनपुर में 8.98 प्रतिशत, सीतापुर में 7.96 प्रतिशत, लुंड्रा में 7.54 प्रतिशत, अंबिकापुर में 7.44 प्रतिशत, बतौली में 5.78 प्रतिशत तथा मैनपाट में 1.74 प्रतिशत लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है।
गंभीर मरीजों की पहचान कर उपचार और रेफरल
स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उच्च जोखिम वाले मरीजों की पहचान कर उन्हें आवश्यकता के अनुसार संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जा रहा है। रेफरल के बाद मरीजों की नियमित निगरानी और फॉलोअप की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि उपचार की प्रक्रिया बीच में न रुके।

मितानिनों की भूमिका अहम
कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा है कि पीवीटीजी समुदाय तक शत-प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग का प्रयास पर्याप्त नहीं है। समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। परिवारों को स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित करने, घर-घर जानकारी पहुंचाने और छूटे हुए लोगों की पहचान में स्थानीय स्तर पर सहयोग लिया जा रहा है।
अभियान में मितानिनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। वे परिवारों को अभियान की जानकारी देने, स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रेरित करने और रेफर किए गए मरीजों के फॉलोअप में स्वास्थ्य विभाग की टीमों का सहयोग कर रही हैं।
जनजातीय परियोजना और विभागों के समन्वय पर जोर
दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले पीवीटीजी परिवारों तक पहुंचने के लिए जनजातीय विशेष परियोजना, संबंधित विभागों और मैदानी अमले के बीच समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। परिवारों की पहचान और सूचीकरण, स्वास्थ्य परीक्षण के लिए उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा छूटे हुए लोगों का दोबारा परीक्षण कराने में स्थानीय नेटवर्क और सामुदायिक संस्थाओं की मदद ली जाएगी।
जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों एवं मैदानी कार्यकर्ताओं से उपलब्ध मानव संसाधन और स्थानीय संपर्कों का उपयोग कर स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सहयोग देने की अपील की है।
शत-प्रतिशत कवरेज का लक्ष्य
अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले की सभी चिन्हित पीवीटीजी बसाहटों में प्रत्येक परिवार और परिवार के प्रत्येक सदस्य का स्वास्थ्य परीक्षण एवं डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार करना है। जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग, मितानिनों, मैदानी कार्यकर्ताओं, जनजातीय विशेष परियोजना और समुदाय के समन्वित प्रयासों से शेष परिवारों को जल्द कवर करने पर जोर दिया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने पीवीटीजी परिवारों से अपील की है कि स्वास्थ्य परीक्षण दल के गांव या बसाहट में पहुंचने पर परिवार के सभी सदस्य जांच अवश्य कराएं और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।
