लखनपुर/सरगुजा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को सरगुजा जिले के अंबिकापुर, लखनपुर, उदयपुर और सीतापुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में आदिवासी समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी एकजुटता और सामाजिक शक्ति का प्रदर्शन किया। जगह-जगह पारंपरिक वेशभूषा, लोक संस्कृति और आदिवासी परंपराओं की झलक देखने को मिली।

लखनपुर में सामुदायिक भवन से निकली भव्य रैली
मौसम को देखते हुए इस वर्ष लखनपुर में विश्व आदिवासी दिवस का मुख्य कार्यक्रम सामुदायिक भवन प्रांगण में आयोजित किया गया। सुबह से ही समाज के लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक भवन से अंबेडकर चौक तक भव्य रैली निकाली गई। रैली में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोगों ने डीजे की धुन और लोक संगीत पर उत्साह के साथ सहभागिता की। रैली अंबेडकर चौक पहुंचने के बाद वापस सामुदायिक भवन परिसर लौटी, जहां मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
संविधान और अधिकारों की रक्षा की ली शपथ
कार्यक्रम के दौरान समाज के लोगों ने संविधान की रक्षा और संवैधानिक अधिकारों को सुरक्षित रखने की शपथ ली। वक्ताओं ने आदिवासी समाज के अधिकारों, शिक्षा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति से जुड़े जीवन से है। समाज के विकास के लिए शिक्षा और जागरूकता को महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया गया।

अंबिकापुर और उदयपुर में भी हुए आयोजन
प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी लखनपुर में पंचायत संघ के माध्यम से विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन किया गया। वहीं उदयपुर और अंबिकापुर में भी बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें आदिवासी समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे सरगुजा में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान आदिवासी एकता, संस्कृति और सामाजिक अधिकारों का संदेश प्रमुखता से सामने आया।
