एक्सपायरी डेट के तीन इंजेक्शन मिलने के बाद कार्रवाई; मेडिकल स्टोर का लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित

अंबिकापुर। शहर के सिद्धार्थ हॉस्पिटल परिसर स्थित मेडिकल दुकान में एक्सपायरी दवाइयां पाए जाने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। शिकायत के बाद कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फार्मेसी का निरीक्षण किया। जांच के दौरान एक्सपायरी डेट के तीन इंजेक्शन मिलने के बाद प्रशासन ने मेडिकल दुकान को सील कर दिया। साथ ही फार्मेसी का लाइसेंस भी 15 दिनों के लिए निलंबित किया गया है।

स्टॉक जांच के दौरान सामने आया मामला

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फार्मेसी में उपलब्ध दवाइयों के स्टॉक और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। इस दौरान Amikacin 250 mg के तीन इंजेक्शन ऐसे पाए गए, जिनकी एक्सपायरी अप्रैल 2026 में समाप्त हो चुकी थी।

एक्सपायरी अवधि समाप्त होने के बाद भी इन इंजेक्शनों का मेडिकल दुकान के स्टॉक में मौजूद होना जांच का प्रमुख बिंदु बना। मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों की गुणवत्ता और वैधता को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लिया।

दुकान सील, लाइसेंस भी निलंबित

जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जिला प्रशासन ने सिद्धार्थ हॉस्पिटल की मेडिकल दुकान को सील करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही संबंधित फार्मेसी का लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद निजी अस्पतालों से जुड़ी मेडिकल दुकानों में दवाइयों के स्टॉक और एक्सपायरी डेट की निगरानी को लेकर भी सख्ती बढ़ने के संकेत हैं।

मरीजों की सुरक्षा से समझौता नहीं

स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई से स्पष्ट है कि मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली दवाइयों की गुणवत्ता और उनकी वैधता को लेकर लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। अधिकारियों द्वारा मेडिकल स्टोर और अस्पताल की फार्मेसी में दवाइयों के रखरखाव तथा स्टॉक की जांच आगे भी की जा सकती है।

एक्सपायरी दवाइयों की बिक्री या वितरण से मरीजों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है, ऐसे में प्रशासन की इस कार्रवाई को फार्मेसी संचालन में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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