स्वतंत्रता दिवस पर मिली बड़ी सौगात, 12 पदों के सेटअप को भी मंजूरी; आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दूर शहरों में नहीं जाना पड़ेगा
अंबिकापुर, 16 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरगुजा संभाग को महिला एवं बाल विकास विभाग से महत्वपूर्ण सौगात मिली है। राज्य शासन ने सरगुजा में नवीन क्षेत्रीय महिला प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की मंजूरी दी है। संस्थान के संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था के तहत 12 पदों के सेटअप को भी स्वीकृति दी गई है। इसके अस्तित्व में आने के बाद संभाग के महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारियों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के लिए दूसरे संभागों के मुख्यालयों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय महिला प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर और जगदलपुर में संचालित हैं। विभागीय प्रशिक्षण व्यवस्था में इन संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उपलब्ध विभागीय संदर्भों में इन संस्थानों के लिए उप संचालक, सहायक संचालक (संकाय सदस्य), सहायक लेखाधिकारी, सहायक ग्रेड-2, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सहायक ग्रेड-3, वाहन चालक, भृत्य और चौकीदार जैसे पदों का प्रावधान दर्ज है।
प्रशिक्षण के लिए कम होगी लंबी दूरी की निर्भरता
सरगुजा संभाग के कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध होना व्यावहारिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशिक्षण के लिए दूरस्थ शहरों की यात्रा करने पर समय और यात्रा संबंधी अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत पड़ती है। नया संस्थान शुरू होने के बाद संभाग के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर मजबूत होने की संभावना है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल को मिला परिणाम

सरगुजा में क्षेत्रीय महिला प्रशिक्षण संस्थान की आवश्यकता को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की पहल को इस स्वीकृति से महत्वपूर्ण परिणाम मिला है। क्षेत्र की प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों को देखते हुए संस्थान की स्थापना का प्रस्ताव शासन स्तर पर रखा गया था। अब इसकी स्थापना के साथ आवश्यक पदों के सेटअप को भी मंजूरी मिलने से संस्थान के संचालन का रास्ता साफ हुआ है।
12 पदों से मजबूत होगा संस्थागत ढांचा
नवीन संस्थान के लिए स्वीकृत 12 पदों का उद्देश्य प्रशिक्षण व्यवस्था को आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी मानव संसाधन उपलब्ध कराना है। इनमें संस्थान के संचालन, प्रशिक्षण, लेखा और डाटा संबंधी कार्यों से जुड़े पद शामिल किए जाने की जानकारी है। नियुक्तियों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के बाद संस्थान में नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा सकेंगे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
क्षेत्रीय महिला प्रशिक्षण संस्थान शुरू होने का सबसे सीधा लाभ महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले को मिलने की उम्मीद है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य कर्मचारियों को पोषण, महिला एवं बाल विकास योजनाओं, विभागीय गतिविधियों तथा कार्यप्रणाली से जुड़े प्रशिक्षण स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे। इससे प्रशिक्षण में भागीदारी आसान होने के साथ विभागीय योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन को भी बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
गौरतलब है कि क्षेत्रीय महिला प्रशिक्षण संस्थान की व्यवस्था राज्य में पहले से मौजूद है। बिलासपुर स्थित संस्थान के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण मार्च 2025 में किया गया था, जबकि जगदलपुर के डिमरापाल स्थित संस्थान का संचालन भी विभागीय स्तर पर होता रहा है।
सरगुजा में नए संस्थान की स्वीकृति से संभाग में महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रशिक्षण ढांचे के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है। अब संस्थान के भवन, पदस्थापना और नियमित प्रशिक्षण संचालन की अगली प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
