सरगुजा समेत छह जिलों की सीमा से किया गया निष्कासित, जिला दंडाधिकारी ने जारी किया आदेश

अंबिकापुर। सरगुजा जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक व्यक्ति के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की है। जिला दंडाधिकारी, सरगुजा ने जितेन्द्र कुजूर उर्फ मोनू कुजूर, पिता दिलेन्द्र कुजूर, निवासी ग्राम सोहगा, तहसील दरिमा, जिला सरगुजा के विरुद्ध राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1980 की धारा 5 के तहत जिला बदर का आदेश जारी किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सरगुजा द्वारा जितेन्द्र कुजूर के विरुद्ध राज्य सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 5 (क) एवं (ख) के तहत जिला बदर की कार्रवाई के लिए जिला दंडाधिकारी के समक्ष प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था। पुलिस प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासन ने मामले में विधिवत कार्रवाई शुरू की।
कारण बताओ नोटिस के बाद हुई सुनवाई
प्रकरण में अनावेदक जितेन्द्र कुजूर को कारण बताओ नोटिस जारी कर उसका जवाब लिया गया। प्रशासन की ओर से उसे अपना पक्ष रखने के लिए विधिवत सुनवाई का अवसर भी प्रदान किया गया। इसके बाद अभियोजन एवं रिपोर्टकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और मामले में उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण किया गया।
प्रशासन के अनुसार, सुनवाई एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद जिला दंडाधिकारी सरगुजा द्वारा राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 5 के तहत जिला बदर की कार्रवाई का आदेश पारित किया गया।
छह जिलों की सीमा से एक साल के लिए निष्कासन
जारी आदेश के मुताबिक जितेन्द्र कुजूर उर्फ मोनू कुजूर को 10 सितंबर 2026 से एक वर्ष की अवधि के लिए सरगुजा जिले की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही उसे जशपुर, रायगढ़, कोरबा, बलरामपुर और सूरजपुर जिलों की सीमा से भी निष्कासित किया गया है।
इस अवधि के दौरान संबंधित व्यक्ति इन छह जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा। जिला प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिला बदर की कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। मामले में संबंधित व्यक्ति को नोटिस, जवाब और सुनवाई का अवसर दिए जाने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अंतिम आदेश पारित किया गया है।
