
पूजा-अर्चना और हवन के बाद श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद, सुख-शांति और सर्वमंगल की कामना के साथ संपन्न हुआ आयोजन
अंबिकापुर। हाथीपखना स्थित गणपति धाम में आयोजित वार्षिक महाआरती का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। भगवान गणेश के जयघोष, ढोल-नगाड़ों की गूंज और मंदिर परिसर में बजती घंटियों के बीच विधिवत पूजा-अर्चना एवं महाआरती की गई। इस अवसर पर अंबिकापुर शहर के साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणपति धाम पहुंचे।
पूजा-अर्चना और हवन में शामिल हुए श्रद्धालु

महाआरती में विभिन्न समाजों और क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने सहभागिता की। पूजा-अर्चना और हवन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। लोगों ने भगवान गणेश से परिवार और समाज में सुख, शांति, समृद्धि एवं सर्वमंगल की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान गणपति धाम का परिसर भक्तिमय माहौल से सराबोर रहा।
आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश
गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता के रूप में पूजा जाता है। उन्होंने कहा कि गणपति धाम में होने वाली महाआरती श्रद्धा और आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का भी अवसर बन रही है।
समिति के संरक्षक भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि हाथीपखना स्थित गणपति धाम लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। उन्होंने आयोजन को सामाजिक सहभागिता से जोड़ते हुए बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा गणपति धाम क्षेत्र के विकास के लिए एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई। उन्होंने हाल ही में शुरू किए गए ‘गणपति सुविधा ऐप’ की जानकारी भी उपस्थित लोगों के साथ साझा की।
सेवा और भाईचारे का संदेश

कार्यक्रम का संचालन विनोद हर्ष और नरेंद्र सिंह टुटेजा ने किया। उन्होंने कहा कि गणपति उत्सव धार्मिक आयोजन के साथ समाज में आपसी भाईचारे, सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करने का अवसर भी है। महाआरती में विभिन्न वर्गों की सहभागिता इसी सामाजिक सहभागिता को दर्शाती है।
समिति अध्यक्ष शैलेष सिंह शैलू ने कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों, श्रद्धालुओं और आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

महाआरती में ललन प्रताप सिंह, अजय अग्रवाल, मंजूषा भगत, निरूपा सिंह, द्वितेन्द्र मिश्रा, एच.एस. जायसवाल, दिव्या सिंह सिसोदिया, हरमिंदर सिंह टिन्नी, मनीष सिंह, अरुणा सिंह, उमेश जायसवाल, विद्यानंद मिश्रा, मधुसूदन शुक्ला, निलेश सिंह, शशिकांत जायसवाल, मधु चौदाहा, जन्मेजय मिश्रा, विकास पांडेय, निश्चल प्रताप सिंह, रूपेश दुबे, अभिषेक सिंहदेव, दिनेश शुक्ला, सचिन अग्रवाल, सर्वेश तिवारी, पूनम अग्रवाल, मनोज गुप्ता, अरुण सिंह, अनिल जायसवाल, प्रियंका गुप्ता, आतिश सिंह, महेंद्र विश्वकर्मा, धर्मेंद्र यादव, उमाशंकर गुप्ता, शिवमंगल सिंह, शैलेंद्र शर्मा, अनुज दुबे, राजेश तिवारी, प्रियंका चौबे, सरस्वती यादव, आयुष दुबे, अनीश सिंह, जतीन परमार, रवि विश्वकर्मा, संदीप यादव मैंगो, महेंद्र सिंह, रविकांत उरांव, मनोज कंसारी, अभय साहू, प्रयाग साहू, राजेंद्र जायसवाल, अनिल निराला, नकुल सोनकर, पुष्पेंद्र शर्मा, विमल मंडिलवार, नीलम राजवाड़े और जगन्नाथ राजवाड़े सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा एवं नगरवासी उपस्थित रहे।
