सीतापुर। कलेक्टर अजीत वसंत ने शुक्रवार को विकासखंड सीतापुर का दौरा कर जनपद पंचायत कार्यालय, शासकीय विद्यालयों और राजापुर स्थित टाऊ प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दौरे में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, एसडीएम फागेश सिन्हा, जनपद पंचायत सीईओ जयगोविंद गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जनपद पंचायत कार्यालय का औचक निरीक्षण
कलेक्टर ने जनपद पंचायत कार्यालय सीतापुर का औचक निरीक्षण कर विभिन्न शाखाओं के कार्य, अभिलेख, लंबित प्रकरणों और डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राशन कार्ड से जुड़े आवेदनों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए तथा शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। कार्यालय में साफ-सफाई, रिकॉर्ड संधारण और कर्मचारियों की उपस्थिति पर भी उन्होंने विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

स्कूलों में बच्चों से किया संवाद, अखबार पढ़ने की आदत विकसित करने पर जोर
कलेक्टर ने खड़गांव और जामकानी के विद्यालयों का निरीक्षण कर कक्षाओं में विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई का स्तर जाना। उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति, स्वच्छ विद्यालय परिसर और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने शिक्षकों से कहा कि प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद विद्यार्थियों को समाचार पत्रों के माध्यम से सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाओं तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों की जानकारी दी जाए। उनका कहना था कि इससे बच्चों का ज्ञान पाठ्यक्रम के साथ-साथ वर्तमान घटनाओं से भी जुड़ा रहेगा और उनमें समाचार पढ़ने की आदत विकसित होगी।
टाऊ प्रोसेसिंग यूनिट एक माह में शुरू करने के निर्देश
राजापुर स्थित टाऊ प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने मशीनों और अन्य तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर एक माह के भीतर यूनिट का संचालन शुरू किया जाए।

‘लखपति दीदी’ गीता पैंकरा की सराहना
दौरे के दौरान कलेक्टर ने जामकानी की लखपति दीदी गीता पैंकरा से मुलाकात की। गीता ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से 60 हजार रुपये का ऋण लेकर उन्होंने किराना दुकान शुरू की, जिससे उन्हें हर माह लगभग 10 हजार रुपये की आय हो रही है।
कलेक्टर ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से छोटे व्यवसाय और लघु कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा जाए।

