अंबिकापुर। शहर के खरसिया नाका से बगीचा, बतौली और जशपुर की ओर जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने सड़क पर धरना देकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क का तत्काल निर्माण और मरम्मत कराने की मांग की।
धरना स्थल पर सड़क की स्थिति बेहद खराब नजर आई। सड़क पर बड़े-बड़े गिट्टे डाल दिए जाने से वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। कई वाहन फंस रहे हैं, जबकि बाइक और स्कूटी चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण आए दिन लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं और कई लोगों को चोटें भी आई हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश राम गुनकर ने आरोप लगाया कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन आम लोगों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो गई है तथा राहगीरों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता अंकुर सिन्हा ने कहा कि इस मार्ग से मरीजों, एंबुलेंस और आम लोगों का लगातार आवागमन होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क पर मरम्मत का काम आम जनता की मांग के चलते नहीं, बल्कि एक वरिष्ठ भाजपा नेता एवं प्रभारी मंत्री के दौरे के दौरान उनकी गाड़ी फंसने के बाद आनन-फानन में शुरू किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि सड़क आम जनता के लिए है तो उसकी मरम्मत भी आम जनता की परेशानी को देखते हुए होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, खरसिया रोड के अलावा शहर की कई अन्य सड़कों की हालत भी खराब है, लेकिन वहां मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया। उनका आरोप है कि कुछ सड़कों पर केवल वीआईपी आवागमन को ध्यान में रखकर काम कराया जा रहा है।
प्रदर्शन में शामिल अनीता साहनी और शहनाज ने भी सड़क की बदहाली पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि क्षेत्र के कई गांवों के लोग इस मार्ग से आवागमन करते हैं और गड्ढों तथा खराब सड़क के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से बारिश के दौरान महज खानापूर्ति करने के बजाय सड़क का स्थायी निर्माण कराने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सड़क की स्थिति में जल्द सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर विधायक, सांसद और संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर भी प्रदर्शन किया जाएगा। धरने के दौरान स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी रही।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि सड़क का निर्माण किसी नेता या मंत्री के दौरे को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आम जनता की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए किया जाना चाहिए।
